पावन समारोह में संस्थान के सम्माननीय चेयरमैन डॉ. वी. के. शर्मा, श्रीमती आशा शर्मा एवं श्रीमती पूर्विका सोलंकी ने विधिवत पूजा-अर्चना कर संस्थान की निरंतर सफलता एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त किया।
यह पूरा अवसर भक्ति, सकारात्मकता, प्रसन्नता और आशा से परिपूर्ण रहा, जहाँ एस्टर परिवार एक साथ उपस्थित होकर सूरत में एक नए शैक्षणिक संस्थान की नींव रखे जाने का साक्षी बना।
शिक्षा के क्षेत्र में 32 वर्षों के समृद्ध अनुभव के साथ एस्टर इंस्टीट्यूशंस ने ज्ञान, संस्कार और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर एक मजबूत नींव स्थापित की है। एस्टर स्कूल, सूरत का शुभारंभ इसी गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाते हुए अगली पीढ़ी के लिए एक प्रेरणादायी एवं प्रगतिशील शिक्षण वातावरण तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
नवस्थापित संस्थान की परिकल्पना केवल एक विद्यालय के रूप में नहीं, बल्कि युवा प्रतिभाओं को निखारने, संस्कारों को मजबूत करने तथा विद्यार्थियों को आत्मविश्वासी, संवेदनशील और भविष्य के लिए सक्षम बनाने के संकल्प के रूप में की गई है।

एस्टर स्कूल, सूरत में शैक्षणिक उत्कृष्टता, सर्वांगीण विकास, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों एवं मूल्य-आधारित शिक्षा का समन्वय करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि विद्यार्थियों को कक्षा के भीतर और बाहर अपनी प्रतिभा एवं क्षमताओं को पहचानने और विकसित करने के पर्याप्त अवसर प्राप्त हों।
भूमिपूजन समारोह केवल एक नए परिसर की नींव रखने का अवसर नहीं था, बल्कि एक व्यापक दृष्टिकोण और संकल्प की आधारशिला भी था—ऐसी शिक्षा प्रदान करने का संकल्प, जो विद्यार्थियों को भविष्य की संभावनाओं और चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना करने के लिए तैयार करे।
प्राप्त आशीर्वाद के प्रति कृतज्ञता एवं आने वाले भविष्य के प्रति आशावाद के साथ एस्टर इंस्टीट्यूशंस सूरत में इस नए अध्याय की शुरुआत नई ऊर्जा, समर्पण और उद्देश्य के साथ करने के लिए प्रतिबद्ध है।
32 वर्षों की शैक्षणिक विरासत।
एक नई नींव। एक नई दृष्टि।
असंख्य संभावनाओं से भरा एक उज्ज्वल भविष्य।