आईआईएफडी सूरत के फाउंडर डायरेक्टर मुकेश माहेश्वरी ने बताया कि, “हम पिछले 12 वर्षों से लगातार इस प्रदर्शनी का सफल आयोजन कर रहे हैं। इस वर्ष ‘आरासा’ प्रदर्शनी में इंटीरियर डिज़ाइनिंग के 50 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रकार के स्पेस डिज़ाइन करने के साथ-साथ अलग-अलग थीम पर आधारित अनोखे फर्नीचर भी तैयार किए।”
प्रदर्शनी की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें कुल 10 अलग-अलग और आकर्षक थीम प्रस्तुत की गईं। इनमें एंग्जायटी और हैप्पीनेस जैसी मानसिक अवस्थाओं को दर्शाने वाली थीम के अलावा पशु प्रेमियों के लिए विशेष रूप से डॉग-फ्रेंडली फर्नीचर तैयार किया गया, जिसमें पालतू कुत्ते और उसका मालिक दोनों आराम से बैठ सकें।
इसके अलावा प्रकृति से प्रेरित फ्लेमिंगो थीम, संगीत वाद्ययंत्रों पर आधारित म्यूजिकल थीम, ज्यामितीय आकृतियों (जियोमेट्रिकल शेप्स) पर आधारित डिज़ाइन तथा अत्याधुनिक 3डी डिज़ाइन वाले फर्नीचर भी प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण रहे।
उल्लेखनीय है कि आईआईएफडी संस्था पिछले 13 वर्षों से सूरत में कार्यरत है और वर्ष 2014 से फैशन, इंटीरियर, इवेंट मैनेजमेंट तथा स्किल इंडिया अभियान के तहत रोजगारोन्मुखी स्किल डेवलपमेंट के विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित कर रही है।
संस्था का मानना है कि वर्तमान समय में पारंपरिक शिक्षा की तुलना में कौशल आधारित शिक्षा का महत्व कहीं अधिक बढ़ गया है। सामान्यतः 12वीं कक्षा के बाद विद्यार्थी तीन वर्षीय पाठ्यक्रम के माध्यम से कॉलेज की पढ़ाई के साथ या स्वतंत्र रूप से इस क्षेत्र में अपना करियर बना सकते हैं और भविष्य में सफल इंटीरियर या फैशन डिज़ाइनर के रूप में अपनी अलग पहचान स्थापित कर सकते हैं।