सूरत (गुजरात) [भारत], 21 अक्टूबर: आयुर्वेद के क्षेत्र में दो दशक से अधिक समय से कार्यरत JOGI आयुर्वेद ने सूरत में अपने नए मल्टीस्पेशियलिटी आयुर्वेद अस्पताल की शुरुआत की है। करीब एक लाख वर्गफुट क्षेत्र में फैला यह अस्पताल गुजरात का सबसे बड़ा आयुर्वेद अस्पतालकी श्रेणी का है । यहां मरीजों को इलाज, जांच और वेलनेस से जुड़ी विभिन्न सुविधाएं एक ही स्थान पर मिलेंगी। इसके अलावा ऑनलाइन कंसल्टेशन के माध्यम से भारत के साथ अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा सहित अन्य देशों में रहने वाले लोगों को भी आयुर्वेदिक परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा।
अस्पताल का उद्घाटन छारोड़ी स्थित स्वामीनारायण गुरुकुल विश्वविद्या प्रतिष्ठानम (SGVP) के अध्यक्ष माधवप्रियदासजी स्वामी द्वारा हुआ और गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुलभाई पानशेरियाने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराइ।
सात मंजिला इस अस्पताल में 50 बेड की सुविधा है, जहां जरूरत पड़ने पर मरीज भर्ती होकर इलाज करा सकेंगे। इसके अलावा 10 से अधिक स्पेशियलिटी OPD, आयुर्वेदिक परामर्श, पंचकर्म थेरेपी और वेलनेस प्रोग्राम की सुविधाएं उपलब्ध हैं। अस्पताल में फिजियोथेरेपी, लैबोरेटरी जांच, हेल्थ कोचिंग और कुछ चुनिंदा स्वास्थ्य समस्याओं के लिए आयुर्वेदिक सर्जरी की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। यहां की इन-हाउस कैंटीन में प्रत्येक मरीज की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के अनुसार आयुर्वेद के सिद्धांतों पर आधारित विशेष आहार तैयार कर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही ऑनलाइन कंसल्टेशन और मरीजों के घर तक दवाएं पहुंचाने की सुविधा भी शुरू की गई है। अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम पाचन संबंधी समस्याओं, त्वचा और बालों, हृदय संबंधी समस्याओं, स्त्री रोग, नाक-कान-गला (ENT), न्यूरोलॉजी, रीढ़ की हड्डी और दर्द प्रबंधन सहित विभिन्न क्षेत्रों में परामर्श और आयुर्वेदिक उपचार सेवाएं प्रदान करेगी।
इस अवसर पर JOGI आयुर्वेद के संस्थापक निलेश जोगल ने कहा, “वर्ष 2005 में जब हमने शुरुआत की थी, तब हमारा उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों तक आयुर्वेद को पहुंचाना था। हमारा यही प्रयास आज भी जारी है। हमारी सोच ‘Authentic Ayurved for Everyone’ के अनुरूप यह नया अस्पताल हमारी यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। यहां हमने विभिन्न उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने का प्रयास किया है, ताकि मरीजों को अधिक सुविधाजनक तरीके से इलाज मिल सके।”

डॉ. देवांगी जोगल (M.D., Gold Medalist, Ayurved), जिन्हें 23 वर्षों से अधिक का अनुभव है, ने कहा, “हर मरीज की स्वास्थ्य संबंधी स्थिति, दिनचर्या और जरूरतें अलग होती हैं। इसलिए आयुर्वेद में मरीज की व्यक्तिगत स्थिति को समझकर उपचार और मार्गदर्शन देने पर विशेष ध्यान दिया जाता है। हमारे अस्पताल में आयुर्वेदिक उपचार के साथ फिजियोथेरेपी, बीमारी की पहचान के लिए जरूरी मेडिकल जांच और मरीज की जरूरत के अनुसार विशेष आहार जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। हमारा प्रयास है कि मरीजों को अपनी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के अनुरूप उचित देखभाल और मार्गदर्शन एक ही स्थान पर मिल सके।”
नए अस्पताल में आयुर्वेदिक उपचार के साथ बीमारियों से बचाव, स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। इसके लिए एक ऐसी प्रदर्शनी तैयार की गई है, जिसमें लोग विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से आयुर्वेद और स्वस्थ रहने की आदतों के बारे में जान सकेंगे।
यहां लोग निःशुल्क प्रकृति परीक्षण करा सकेंगे। साथ ही ‘आप कितने स्वस्थ हैं?’ क्विज में भाग लेकर अपना व्यक्तिगत हेल्थ स्कोरकार्ड प्राप्त कर सकेंगे। इस दौरान उन्हें रोजमर्रा की उन आदतों के बारे में भी जानकारी दी जाएगी, जो स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के जोखिम को कम करने और शरीर की प्राकृतिक जैविक घड़ी को संतुलित रखने में मददगार हो सकती हैं।
प्रदर्शनी में AI की मदद से तैयार किए गए जानकारीपूर्ण वीडियो, भोजन और स्वास्थ्य के बीच संबंध समझाने वाले विशेष प्रदर्शन तथा औषधि वितरण जैसी गतिविधियां भी शामिल हैं। इस पहल का उद्देश्य लोगों को केवल बीमारी के इलाज तक सीमित न रखकर आयुर्वेद के व्यापक दृष्टिकोण से परिचित कराना है, ताकि वे समझ सकें कि रोजमर्रा की अच्छी आदतें लंबे समय तक स्वस्थ रहने में किस तरह मदद कर सकती हैं।
JOGI आयुर्वेद मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल सूरत के जहांगीरपुरा क्षेत्र में इस्कॉन मंदिर के पास स्थित है।