आज भी देश के कई हिस्सों में मासिक धर्म (पीरियड्स) को लेकर अनेक भ्रांतियां और सामाजिक वर्जनाएं मौजूद हैं। पीरियड्स, सैनिटरी पैड, छुआछूत और महिलाओं के स्वास्थ्य जैसे विषयों पर परिवारों में खुलकर बातचीत नहीं होती। इन्हीं वास्तविक परिस्थितियों, सामाजिक घटनाओं और विभिन्न रिपोर्ट्स से प्रेरित होकर इस वेब सीरीज़ की कहानी तैयार की गई है, ताकि मनोरंजन के माध्यम से जागरूकता भी लोगों तक पहुंच सके।
सीरीज़ की कहानी एक छोटे से गांव की किशोरी आशा के जीवन के इर्द-गिर्द घूमती है। अपनी छोटी बहन छाया से जुड़ी एक दर्दनाक घटना के बाद आशा की जिंदगी बदल जाती है। आगे चलकर हॉस्टल का नया माहौल, नई दोस्तियां और जीवन के अलग-अलग अनुभव उसे एक नई सोच और नई दिशा देते हैं। कहानी केवल एक किरदार की नहीं, बल्कि उन लाखों लड़कियों की है, जो किसी न किसी रूप में समाज की बनी-बनाई धारणाओं से जूझती हैं।
हॉस्टल में बनने वाली चार लड़कियों की दोस्ती इस वेब सीरीज़ की सबसे बड़ी ताकत है। उनकी हंसी-मजाक, भावनात्मक पल, छोटे-छोटे मतभेद, एक-दूसरे का साथ और मुश्किल समय में एक-दूसरे का सहारा, ये सभी पहलू कहानी को दर्शकों के बेहद करीब ले आते हैं। यही वजह है कि हर उम्र का दर्शक इन किरदारों में कहीं न कहीं खुद को या अपने आसपास के लोगों को महसूस कर सकता है।
‘Bleed With Pride’ केवल पीरियड्स तक सीमित नहीं रहती। इसमें PCOD, महिलाओं के स्वास्थ्य, सैनिटरी हाइजीन, सामाजिक भेदभाव, छुआछूत और निःसंतानता (Infertility) जैसे संवेदनशील विषयों को भी सहज और मानवीय तरीके से प्रस्तुत किया गया है। सीरीज़ कहानी और किरदारों के माध्यम से सोचने और बातचीत शुरू करने के लिए प्रेरित करती है।
वेब सीरीज़ में आकृति शर्मा, श्रेयल कालरा, रिया सचदेवा और ग्रुषा मंध्यानी मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। इनके अभिनय के साथ कहानी का भावनात्मक पक्ष और सामाजिक संदेश प्रभावशाली ढंग से सामने आता है। बाल कलाकार आरोही पटेल भी इस वेब सीरीज़ का हिस्सा हैं।
White Tiger Production House की पूरी टीम का मानना है कि अगर किसी सामाजिक विषय को लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है, तो उसके साथ मनोरंजन का संतुलन भी जरूरी है। इसी सोच के साथ इस वेब सीरीज़ में फैमिली ड्रामा, दोस्ती, भावनाएं और सामाजिक संदेश को एक साथ पिरोया गया है, ताकि दर्शक कहानी से जुड़े भी रहें और एक जरूरी विषय पर सोचने के लिए प्रेरित भी हों।
यह एक ऐसी वेब सीरीज़ है, जो केवल देखने के लिए नहीं बल्कि महसूस करने के लिए बनाई गई है। उम्मीद है कि यह कहानी मनोरंजन के साथ-साथ मासिक धर्म और महिलाओं के स्वास्थ्य जैसे विषयों पर हर घर में खुली बातचीत की एक नई शुरुआत करेगी।
सीरीज़ के सभी सात एपिसोड हर सप्ताह एक-एक करके रिलीज़ किए जाएंगे।