इस मुद्दे पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्रेडाई सूरत के चेयरमैन संजय मांगुकिया ने बताया कि पिछले कुछ समय से निर्माण कार्य में उपयोग होने वाली लगभग सभी सामग्रियों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। ईंधन की बढ़ी हुई कीमतों का सीधा असर परिवहन और उत्पादन लागत पर पड़ा है, जिससे निर्माण परियोजनाओं को पूरा करने की लागत लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि अब तक डेवलपर्स ने बढ़ी हुई लागत का बोझ स्वयं उठाने का प्रयास किया और उम्मीद थी कि परिस्थितियां सामान्य हो जाएंगी, लेकिन मौजूदा हालात में निकट भविष्य में कीमतों में कमी की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। ऐसे में बढ़ी हुई लागत का असर अब फ्लैटों की कीमतों में शामिल करना अनिवार्य हो गया है।
उन्होंने आगे बताया कि वर्तमान में चल रही परियोजनाओं में कीमतों में वृद्धि का असर इस बात पर निर्भर करेगा कि परियोजना किस चरण में है। फाउंडेशन, स्ट्रक्चर, प्लास्टर या फिनिशिंग जैसे विभिन्न चरणों में लागत अलग-अलग होती है, इसलिए प्रत्येक परियोजना में मूल्य वृद्धि का अनुपात भी अलग हो सकता है। हालांकि इसका सीधा असर फ्लैट खरीदने वाले ग्राहकों पर पड़ेगा।

संजय मांगुकिया ने बताया कि क्रेडाई गुजरात की बोर्ड बैठक में राज्य के विभिन्न शहरों के चैप्टरों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि निर्माण लागत में हुई वृद्धि का असर अब नई और चल रही परियोजनाओं की कीमतों में दिखाई देगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य सरकार के समक्ष कोई विशेष मांग रखना नहीं है, बल्कि आम नागरिकों को वास्तविक स्थिति से अवगत कराना है। यदि भविष्य में सरकार स्टाम्प ड्यूटी, जीएसटी या अन्य करों में राहत देने पर विचार करती है तो वह अलग विषय होगा, लेकिन फिलहाल बढ़ी हुई लागत से बचने का कोई विकल्प नहीं बचा है।
क्रेडाई सूरत ने घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों से समय रहते निर्णय लेने की अपील की है। संस्था के अनुसार जो लोग फिलहाल फ्लैट खरीदने का विचार कर रहे हैं लेकिन निर्णय टाल रहे हैं, उन्हें जल्द खरीदारी कर लेनी चाहिए। क्योंकि आने वाले समय में लॉन्च होने वाली नई परियोजनाओं में निर्माण लागत बढ़ने के कारण प्रति वर्ग फुट लगभग 200 से 400 रुपए तक की वृद्धि हो सकती है। क्षेत्र और परियोजना के प्रकार के अनुसार यह बढ़ोतरी कम या ज्यादा भी हो सकती है।
क्रेडाई सूरत के अध्यक्ष डॉ. जिज्ञेश पटेल ने बताया कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य निर्माण क्षेत्र में उपयोग होने वाले कच्चे माल की लगातार बढ़ती कीमतों की वास्तविक जानकारी लोगों तक पहुंचाना है। सीमेंट, स्टील, एल्यूमिनियम सहित विभिन्न निर्माण सामग्रियों की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि के कारण निर्माणाधीन परियोजनाओं की लागत बढ़ रही है। इसके चलते आने वाले समय में नए लॉन्च होने वाले प्रोजेक्ट्स तथा अभी पूर्ण नहीं हुई परियोजनाओं में संपत्तियों की कीमतों में लगभग 5 से 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करना आवश्यक हो जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में चल रही परियोजनाओं में मूल्य वृद्धि अपेक्षाकृत कम होगी, जबकि नए प्रोजेक्ट्स में बढ़ी हुई निर्माण लागत का पूरा प्रभाव कीमतों पर दिखाई देगा। इसी उद्देश्य से यह जानकारी सार्वजनिक की गई है, ताकि ग्राहक समय रहते निर्णय ले सकें और मूल्य वृद्धि के कारणों को सही ढंग से समझ सकें।