अनियमित पीरियड्स और चेहरे पर अनचाहे बाल: आयुर्वेद से पाएँ प्राकृतिक समाधान

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May 11, 2026 - 15:24
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अनियमित पीरियड्स और चेहरे पर अनचाहे बाल: आयुर्वेद से पाएँ प्राकृतिक समाधान
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डॉरस पाल कौर BAMS, आयुर्वेद विशेषज्ञ

नई दिल्ली, अप्रैल 01: आज की आधुनिक जीवनशैली में महिलाओं में अनियमित माहवारी (Irregular Periods) और चेहरे पर अनचाहे बाल (Hirsutism) की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है। यह केवल बाहरी सौंदर्य या मासिक चक्र तक सीमित समस्या नहीं है, बल्कि यह शरीर के अंदर गहरे स्तर पर होने वाले हार्मोनल असंतुलन का संकेत है। विशेष रूप से Polycystic Ovary Syndrome (PCOS) आज इन समस्याओं का प्रमुख कारण बनकर उभर रहा है।

यह समस्या महिलाओं के आत्मविश्वास, मानसिक स्वास्थ्य और दैनिक जीवन को भी प्रभावित करती है। कई महिलाएँ इस विषय पर खुलकर बात नहीं कर पातीं, जिससे समस्या और बढ़ जाती है।

आयुर्वेद की दृष्टि से कारण

आयुर्वेद के अनुसार, यह विकार मुख्यतः वात और कफ दोष की असंतुलन तथा अग्निमांद्य (कमजोर पाचन शक्ति) के कारण उत्पन्न होता है। जब शरीर में “आम” (टॉक्सिन्स) का संचय होता है, तो यह धातुओं के पोषण में बाधा डालता है और हार्मोनल असंतुलन उत्पन्न करता है।

इसके परिणामस्वरूप—

  • अंडोत्सर्जन (Ovulation) में बाधा
  • Androgens हार्मोन की वृद्धि
  • अनियमित मासिक धर्म
  • चेहरे या शरीर पर अनचाहे बाल

Charaka Samhita में “विरुद्ध आहार” और “अहितकर दिनचर्या” को रोगों का मूल कारण बताया गया है। आज के समय में जंक फूड, तनाव, देर रात जागना और शारीरिक निष्क्रियता इन समस्याओं को और बढ़ा रहे हैं।

उपयोगी आयुर्वेदिक औषधियाँ एवं सप्लीमेंट्स

कई प्रभावी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ आज भारत, अमेरिका और कनाडा में सुरक्षित सप्लीमेंट्स के रूप में उपलब्ध हैं:

  • Shatavari (शतावरी): महिलाओं के लिए श्रेष्ठ रसायन। यह हार्मोन संतुलन, ओवरी के स्वास्थ्य और नियमित माहवारी में सहायक है।
  • Ashwagandha (अश्वगंधा): तनाव कम कर कोर्टिसोल को संतुलित करती है, जिससे हार्मोनल संतुलन सुधरता है।
  • Turmeric (हल्दी / करक्यूमिन): सूजन कम करने और इंसुलिन रेजिस्टेंस सुधारने में सहायक।
  • Cinnamon (दालचीनी): रक्त शर्करा नियंत्रित कर इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाती है।
  • Fenugreek (मेथी): ग्लूकोज मेटाबोलिज्म सुधारकर हार्मोन संतुलन में मदद करती है।

(नोट: औषधियों का सेवन विशेषज्ञ की सलाह से ही करें)

आहार और जीवनशैली में आवश्यक सुधार

छोटे-छोटे बदलाव बड़े परिणाम दे सकते हैं:

  • ताजा, गर्म और सुपाच्य भोजन लें
  • जंक फूड, अत्यधिक चीनी और तले हुए खाद्य पदार्थों से बचें
  • नियमित दिनचर्या अपनाएँ (समय पर सोना-जागना)
  • प्रतिदिन 30–45 मिनट योग या व्यायाम करें
  • वजन संतुलित रखें—यह मासिक धर्म नियमित करने में अत्यंत सहायक है

मरीजों के लिए संदेश

यह समस्या बहुत सामान्य है और इसका प्रभावी उपचार संभव है। शर्म या संकोच के कारण इसे नजरअंदाज न करें। समय पर विशेषज्ञ से सलाह लेने से जटिलताओं से बचा जा सकता है और जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सकता है।

विशेष परामर्श सुविधा 

महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डॉरस पाल कौर द्वारा एक विशेष हेल्पलाइन प्रारंभ की गई है: 9910672020 इस नंबर के माध्यम से महिलाएँ अपनी समस्याओं पर निःशुल्क प्रारंभिक परामर्श प्राप्त कर सकती हैं। गोपनीयता, सहानुभूति और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ उपचार प्रदान किया जाता है।

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