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<title>NewsWaala.com | Hindi News &#45; : लाइफस्टाइल</title>
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<description>NewsWaala.com | Hindi News &#45; : लाइफस्टाइल</description>
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<dc:rights>© 2026 NewsWaala.com | Manage By Bytes Internet Media Network.</dc:rights>

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<title>डॉ. सुरेन्द्र कुमार और डॉ. लता को इंडियन आइकॉनिक अवॉर्ड से सम्मान</title>
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<description><![CDATA[ जयपुर (राजस्थान), 14 अक्टूबर: दिल्ली विश्वविद्यालय में लगभग दो दशकों से शिक्षण कार्य कर रहे डॉ. सुरेन्द्र कुमार (इतिहास विभाग) […] ]]></description>
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<pubDate>Wed, 14 Oct 2026 19:45:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>PNN</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><img width="1200" height="675" src="https://hindi.pnn.digital/wp-content/uploads/2026/10/PNN-2026-10-14T122350927.jpg" class="attachment-post-thumbnail size-post-thumbnail wp-post-image" alt="PNN 2026 10 14T122350927" decoding="async"></p><div class="ccfic"></div><div>
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<p><span data-sheets-root="1"><strong>जयपुर (राजस्थान), 14 अक्टूबर:</strong> </span>दिल्ली विश्वविद्यालय में लगभग दो दशकों से शिक्षण कार्य कर रहे <strong>डॉ. सुरेन्द्र कुमार (इतिहास विभाग)</strong> एवं <strong>डॉ. लता (हिंदी विभाग, श्री वेंकटेश्वर कॉलेज)</strong> को शिक्षा, शिक्षक-छात्र हितों, लोकतांत्रिक मूल्यों तथा सामाजिक प्रतिबद्धता के क्षेत्र में उनके दीर्घकालीन योगदान के लिए <strong>प्रभात पोस्ट</strong> द्वारा सम्मानित किया गया। डॉ. सुरेन्द्र कुमार को <strong>‘इंडियन आइकॉनिक ह्यूमैनिटेरियन अवॉर्ड’, 2026</strong> तथा डॉ. लता को <strong>‘इंडियन आइकॉनिक लेडी अवॉर्ड’, 2026</strong> प्रदान किया गया। यह अवार्ड <strong>डा मंजू बाघमार जी, राज्य मंत्री (महिला एवं बाल विकास, बाल सशक्तीकरण, लोक निर्माण विभाग, राजस्थान सरकार)</strong> तथा <strong>राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के मुख्य सचेतक रफीक खान जी</strong> एवं <strong>प्रख्यात विद्वान नन्द भारद्वाज जी (पूर्व निदेशक, दूरदर्शन)</strong> के द्वारा <strong>कांस्टीट्यूशन क्लब आफ राजस्थान में १० अक्टूबर, २०२६</strong> को प्रदान किया गया। ये सम्मान शिक्षा को राष्ट्र के विकास, सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय संभावनाओं के विस्तार का आधार बनाने के लिए किए गए प्रयासों को रेखांकित करते हैं।</p>
<p><strong>डॉ. सुरेन्द्र कुमार</strong> दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (<strong>DUTA</strong>) के तीन बार निर्वाचित कार्यकारी सदस्य रहे हैं। इन्होंने शिक्षा के निजीकरण, सेल्फ-फाइनेंसिंग पाठ्यक्रमों तथा अस्थायी नियुक्तियों के विरुद्ध अपने अकादमिक लेखन, ज्ञान-उत्पादन और सक्रियता के माध्यम से निरंतर आवाज उठाते रहे हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय में पत्रकारिता पाठ्यक्रम के वित्तपोषण से जुड़े मुद्दों पर दो दिवसीय हड़ताल सहित उनके विभिन्न आंदोलन सार्वजनिक शिक्षा की रक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। उनका प्रयास रहा है कि ग्रामीण एवं दूर-दराज़ के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के समान अवसर मिलें तथा विश्वविद्यालयों में <strong>शैक्षणिक स्वतंत्रता, विविधता और संस्थागत स्वायत्तता</strong> बनी रहे।</p>
<p>वहीं, <strong>डॉ. लता</strong> ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दो बार निर्वाचित अकादमिक काउंसिल की सदस्य के रूप में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रक्रियाओं और शिक्षक-छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई है तथा साथ ही वह संसाधनों से विहीन वर्ग के लोगों ( विशेष रूप से दिल्ली, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश) को <strong>सतगुरु कृपा माता सावित्री देवी ट्रस्ट</strong> के माध्यम से शिक्षा से जोड़ने का निरंतर प्रयास कर रही है।</p>
<p>दोनों शिक्षक विश्वविद्यालय को <strong>स्वतंत्र विचार, लोकतांत्रिक संवाद और विविधता के केंद्र</strong> के रूप में देखते हैं तथा <strong>डायलॉग फॉर एकेडमिक जस्टिस</strong> एवं <strong>दिल्ली यूनिवर्सिटी एकेडमिक फोरम</strong> के संयोजक एवं सहसंयोजक के रूप में शिक्षक अधिकारों, विद्यार्थियों की शैक्षणिक स्वतंत्रता और सार्वजनिक शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए उनकी निरंतर सक्रियता इसी दृष्टिकोण को अभिव्यक्त करती है। <strong>प्रभात पोस्ट</strong> द्वारा प्रदान किए गए ये सम्मान डॉ. सुरेन्द्र कुमार एवं डॉ. लता की शिक्षा, समाज और विद्यार्थियों के प्रति दीर्घकालीन प्रतिबद्धता की पहचान हैं।</p>
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<title>बुजुर्गों के लिए RetiredPeople.in ग्लोबल पहल शुरू</title>
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<description><![CDATA[ दुनिया भर के सेवानिवृत्त लोगों को 24x7x365 जोड़ने वाला नया प्लेटफॉर्म संयुक्त राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर 1 […] ]]></description>
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<pubDate>Fri, 02 Oct 2026 11:30:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>PNN</dc:creator>
<media:keywords>बुजुर्गों, के, लिए, RetiredPeople.in, ग्लोबल, पहल, शुरू</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><img width="1200" height="675" src="https://hindi.pnn.digital/wp-content/uploads/2026/10/PNN-2026-10-01T182808009.jpg" class="attachment-post-thumbnail size-post-thumbnail wp-post-image" alt="PNN 2026 10 01T182808009" decoding="async"></p><div class="ccfic"></div><div>
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<p><em>दुनिया भर के सेवानिवृत्त लोगों को 24x7x365 जोड़ने वाला नया प्लेटफॉर्म संयुक्त राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर 1 अक्टूबर को लॉन्च हुआ</em></p>
<p><strong>मोहाली (पंजाब) [भारत], 1 अक्टूबर:</strong> दुनिया की बढ़ती बुजुर्ग आबादी को सशक्त बनाने के उद्देश्य से आज यहां एक नई डिजिटल पहल की शुरुआत हुई। वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष रूप से तैयार वैश्विक डिजिटल समुदाय <strong>RetiredPeople.in</strong> को संयुक्त राष्ट्र के <strong>अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस</strong> के अवसर पर आधिकारिक रूप से लॉन्च किया गया।</p>
<h3><strong>वरिष्ठ नागरिकों की डिजिटल दूरी होगी कम</strong></h3>
<p>दुनिया में जनसांख्यिकीय बदलाव के साथ वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष डिजिटल प्लेटफॉर्म की आवश्यकता बढ़ रही है। वर्तमान में दुनिया भर में लगभग <strong>1.2 अरब लोग 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के हैं</strong>। वर्ष <strong>2050 तक यह संख्या बढ़कर 2.1 अरब</strong> होने का अनुमान है। भारत भी बड़े जनसांख्यिकीय बदलाव से गुजर रहा है। वर्ष 2025 के आंकड़ों के अनुसार, देश में करीब <strong>15.3 करोड़ वरिष्ठ नागरिक</strong> हैं और <strong>2050 तक 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों की संख्या 34.7 करोड़</strong> तक पहुंचने का अनुमान है। इसका अर्थ है कि तब प्रत्येक पांच भारतीयों में से एक वरिष्ठ नागरिक होगा।</p>
<p>दशकों का विशेष ज्ञान, व्यावहारिक अनुभव और स्थापित नेटवर्क होने के बावजूद अनेक सेवानिवृत्त पेशेवर डिजिटल युग में दिखाई नहीं देते। <strong>RetiredPeople.in</strong> इस दूरी को कम करने का प्रयास है। प्लेटफॉर्म वरिष्ठ नागरिकों को अपनी डिजिटल पहचान बनाने का अवसर देता है, जहां वे अपनी पेशेवर विरासत, व्यावहारिक ज्ञान और विशेषज्ञता को दुनिया के सामने प्रस्तुत कर सकते हैं।</p>
<h3><strong>पेशेवर और सामाजिक अवसरों के नए रास्ते</strong></h3>
<p>प्लेटफॉर्म का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रिटायरमेंट का अर्थ योगदान का अंत न हो। रजिस्ट्रेशन के बाद वरिष्ठ नागरिक विभिन्न प्रकार के अवसर तलाश सकेंगे, जिनमें शामिल हैं:</p>
<ul>
<li>फुल-टाइम और पार्ट-टाइम भूमिकाएं</li>
<li>कंसल्टेंसी असाइनमेंट और एडवाइजरी भूमिकाएं</li>
<li>मेंटरशिप और कॉरपोरेट ट्रेनिंग</li>
<li>प्रोजेक्ट कंसल्टिंग और फ्रीलांस वर्क</li>
<li>सामाजिक संगठनों के साथ जुड़ने के अवसर</li>
</ul>
<p>इस पहल के <strong>विजनरी एवं स्ट्राटेजिस्ट अमृत पाल सिंह</strong> के अनुसार प्लेटफॉर्म का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अनुभव की उपयोगिता बनी रहे। सिंह ने कहा, <em>“रिटायरमेंट का मतलब यह नहीं कि कोई व्यक्ति दुनिया की नजरों से ओझल हो जाए।”</em></p>
<p>उनका मानना है कि टेक्नोलॉजी वरिष्ठ नागरिकों की व्यापक आकांक्षाओं को आधुनिक दुनिया की जरूरतों से जोड़ सकती है।</p>
<h3><strong>सिल्वर इकोनॉमी के लिए वन-स्टॉप इकोसिस्टम</strong></h3>
<p>पेशेवर अवसरों के अलावा यह प्लेटफॉर्म सेवानिवृत्त लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी एक व्यापक केंद्र के रूप में काम करेगा। यह वरिष्ठ नागरिकों को विभिन्न क्षेत्रों के जरूरी सर्विस प्रोवाइडर्स से जोड़ेगा, जैसे कि –</p>
<ul>
<li><strong>हैल्थकेयर एवं वैलनेस:</strong> अस्पताल, डॉक्टर, डायग्नोस्टिक लैब, फिजियोथेरेपिस्ट, होम हैल्थकेयर, योग और मेडिटेशन।</li>
<li><strong>होम एवं लाइफस्टाइल:</strong> कुक, ड्राइवर, प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन और होम नर्सिंग।</li>
<li><strong>फाइनेंशियल एवं लीगल:</strong> वित्तीय सलाह, बैंकिंग, वेल्थ मैनेजमेंट, इंश्योरेंस और कानूनी सेवाएं।</li>
<li><strong>ट्रेवल एवं फुरसत:</strong> धार्मिक पर्यटन, घूमना-फिरना, होटल, टैक्सी, रेलवे और एयरलाइन सेवाएं।</li>
</ul>
<h3><strong>सर्विस प्रोवाइडर्स से सीधा संपर्क</strong></h3>
<p>यह प्लेटफॉर्म तेजी से बढ़ती <strong>‘सिल्वर इकोनॉमी’</strong> तक पहुंचने के इच्छुक व्यवसायों के लिए भी एक नया माध्यम बनेगा। सर्विस प्रोवाइडर्स शहर या देश के आधार पर उन वरिष्ठ नागरिकों को खोज सकेंगे, जिन्हें उनकी विशेष सेवाओं की आवश्यकता है। प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए प्लेटफॉर्म <strong>जीरो ब्रोकरेज पर सीधे संपर्क</strong> की सुविधा देने का प्रस्ताव करता है।</p>
<p><strong>RetiredPeople.in पर रजिस्ट्रेशन पूरी तरह निःशुल्क होगा।</strong> इसके लिए कोई मासिक, तिमाही या वार्षिक सब्सक्रिप्शन शुल्क नहीं होगा। प्लेटफॉर्म दुनिया भर में <strong>24x7x365 कनेक्टिविटी</strong> उपलब्ध कराएगा, हालांकि कुछ विशेष प्रोफाइल को एक्सेस करने के लिए पे-पर-यूज मॉडल लागू हो सकता है।</p>
<p>संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के साथ अपने लॉन्च को जोड़ते हुए <strong>RetiredPeople.in</strong> का उद्देश्य ऐसा एकीकृत वैश्विक डिजिटल इकोसिस्टम तैयार करना है, जो वरिष्ठ नागरिकों की गरिमा और क्षमताओं का सम्मान करे और उन्हें दुनिया से जुड़े रहने के नए अवसर प्रदान करे।</p>
<p><em>अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:</em></p>
<p><strong>अमृत पाल सिंह</strong><br>
विजनरी एवं स्ट्राटेजिस्ट<br>
RetiredPeople.in<br>
ईमेल: <a href="mailto:info@retiredpeople.in">info@retiredpeople.in</a><br>
मोबाइल: +91 98766 25076</p>
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<title>संविधान पे चर्चा 4.0 में पारुल विश्वविद्यालय में विधिज्ञों ने संविधान पर की परिचर्चा</title>
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<description><![CDATA[ संविधान पे चर्चा 4.0 में पारुल विश्वविद्यालय में विधिज्ञों ने संविधान पर की परिचर्चा ]]></description>
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<pubDate>Thu, 01 Oct 2026 17:30:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>PNN</dc:creator>
<media:keywords>संविधान, पे, चर्चा, 4.0, में, पारुल, विश्वविद्यालय, में, विधिज्ञों, ने, संविधान, पर, की, परिचर्चा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><img width="1200" height="675" src="https://hindi.pnn.digital/wp-content/uploads/2026/10/Untitled-design-63.jpg" class="attachment-post-thumbnail size-post-thumbnail wp-post-image" alt="संविधान पे चर्चा 4.0 में पारुल विश्वविद्यालय में विधिज्ञों ने संविधान पर की परिचर्चा" decoding="async"></p><div class="ccfic"></div><p><strong>वडोदरा (गुजरात) [भारत], 1 अक्टूबर:</strong> पारूल विश्वविद्यालय में अपने अनुठे कानून सम्बन्धित कॉन्क्लेव संविधान पे चर्चा के चौथे संस्करण का आयोजन किया गया| इस समारोह में न्यायपालिका क्षेत्र के ख्यातनाम दिग्गज, वरिष्ठ अधिवक्ता गण, कानून के व्यवसायी और विधि के छात्रों ने सहभाग लिया| इस समारोह में संवैधानिक मूल्य, वर्तमान के कानून से जुड़े मुद्दे और कानून के बदलते परिप्रेक्ष्य के बारे में चर्चा की गई| इस कॉन्क्लेव में विशेषज्ञों का मार्गदर्शन, चर्चा सत्र, पीयु संवाद, कार्यशालाएँ और प्रतियोगिता मंच थे और इनके द्वारा छात्रों को अपनी क्लासरूम के बाहर जाकर कानून क्षेत्र की हस्तियों के साथ संवाद करने का मौका मिला|</p>
<p>इन विशिष्ट दिग्गजों में भारतीय उच्चतम न्यायालय के <b>आदरणीय न्यायमूर्ति श्री</b><b>. </b><b>विपूल एम</b><b>. </b><b>पंचोली</b><b>, </b>गुजरात उच्च न्यायालय के <b>आदरणीय न्यायमूर्ति श्री</b><b>. </b><b>डी</b><b>. </b><b>एन</b><b>. </b><b>रे</b><b>, </b>गुजरात उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति <b>आदरणीय श्री</b><b>. </b><b>एन</b><b>. </b><b>एस</b><b>. </b><b>संजय गोडा</b><b>, </b>भारतीय उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता तथा भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता <b>श्री</b><b>. </b><b>गौरव भाटिया</b><b>,</b> भारतीय उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता<b> सुश्री</b><b>. </b><b>महालक्ष्मी पावनी</b> और भारतीय उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता<b> सुश्री</b><b>. </b><b>अनिता शेणॉय </b>समेत कानून के क्षेत्र से जुड़े कई विख्यात व्यक्ति सम्मीलित हुए| इनकी उपस्थिति से उभरते अधिवक्ताओं को न्यायपालिका क्षेत्र के दिग्गजों को प्रत्यक्षसुनने का मौका मिला तथा कानून शिक्षा और एडवोकसी से जुड़े वास्तविक पहलू समझने का मौका मिला|</p>
<p><img decoding="async" class="float-center" src="https://pnndigital.s3-ap-south-1.amazonaws.com/prcontent_images/pr_content_1790834801903_1790834801903.png.png" alt="pasted or uploaded image"></p>
<p>कानून के व्यवसाय को ले कर संवैधानिक तत्त्वों का महत्त्व अधोरेखित करते हुए तथा भविष्य के अधिवक्ताओं के बारे में बात करए हुए <b>आदरणीय न्यायमूर्ति श्री</b><b>. </b><b>विपूल मनुभाई पंचोली </b>ने कहा, ” कानून सीखानेवाले विश्वविद्यालय को सिर्फ कानून की शिक्षा देने का ही दायित्व नही होता है, बल्की व्यवसायिक नीतिमत्ता, संवैधानिक मूल्य और सामाजिक जिम्मेदारी को भी बढ़ावा देने का दायित्व होता है| इसलिए भविष्य के अधिवक्ताओं को सिर्फ कानून का ज्ञान होना पर्याप्त नही है, बल्की उन्हे जिस समाज और टेक्नोलॉजी के बीच कानून काम करता है, उन्हे भी समझना पड़ेगा| भविष्य के अधिवक्ता के रूप में स्मरण रखिए कि एडवोकसी सिर्फ जीतने के बारे में नही है, बल्की न्यायपूर्ण और कानून की दृष्टि से उचित निर्णय लेने में न्यायालय की सहायता करना भी है|”</p>
<p>श्रोताओं से संवाद करते हुए <b>आदरणीय न्यायमूर्ति श्री</b><b>. </b><b>डी</b><b>. </b><b>एन</b><b>. </b><b>रे </b>ने संवैधानिक और कानून से जुड़े मुद्दों पर अपने दृष्टिकोण रखे और तेज़ी से बदलनेवाली दुनिया में युवाओ के सामने होनेवाली चुनौतियो पर भी प्रकाश डाला| उन्होने कहा, “तत्काल समाधान मिलने के और इन्स्टंट सक्सेस के आजके युग में असफल होने की तैयारी कृपया कीजिए| यह सबसे अहम सीख है जो कभी कोई आपको नही सीखाता है| असफल होना ठीक है| कोई हर्ज नही है| इसलिए सबसे महत्त्वपूर्ण बात असफल होना स्वीकार करना है और ऐसे सभी अनुभवों से सीखते जाना है| आपको समझना है कि आप किसी के साथ प्रतियोगिता नही कर रहे हैं| आपका एकलौता प्रतिस्पर्धी आप स्वयं हैं|”</p>
<p><img decoding="async" class="float-center" src="https://pnndigital.s3-ap-south-1.amazonaws.com/prcontent_images/pr_content_1790834802014_1790834802014.png.png" alt="pasted or uploaded image"></p>
<p> </p>
<p>इस परिचर्चा में <b>भारतीय उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता तथा भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री</b><b>. </b><b>गौरव भाटिया</b> के द्वारा एक संवाद के स्वरूप में <b>पीयु टॉक </b>भी दिया गया जिसका विषय था “<b>जीवित संविधान</b><b>: </b><b>जनसत्ता</b><b>, </b><b>कानून की सत्ता और मूलभूत अधिकारों का बदलता परिप्रेक्ष्य</b><b>|</b><b>”</b> इस सत्र में संवैधानिकतत्त्व तथा वर्तमान भारत के मूलभूत अधिकारों के बदलते आंकलन पर चर्चा की गई| इस चर्चा को वर्तमान संवैधानिक पृष्ठभूमि के और समीप लाते हुए और बदलते समाज के सन्दर्भ में संवैधानिक तत्त्वों को समझने पर बल देते हुए उन्होने कहा, “संविधान समानता, स्वतन्त्रता, बन्धुता और न्याय के बारे में चर्चा करता है| अगर आपको सम्मान नही मिलता है, तो जीवन का क्या मकसद होगा? यह अस्तित्व से भी महत्त्वपूर्ण है| साँस लेना ही जीना नही होता है| जीवन का अर्थ जीने के साथ सम्मान के स्वरूप में आत्मा जुड़ना यह होता है|</p>
<p><b>भारतीय संविधान</b><b>– </b><b>अतीत में</b><b>, </b><b>आज और कल </b>इस विषय पर छात्रों के साथ संवाद करते हुए गुजरात उच्च न्यायालय के <b>आदरणीय न्यायमूर्ति एन</b><b>. </b><b>एस</b><b>. </b><b>संजय गोडा </b>ने कहा “संविधान ऐसी पुस्तिका है जो हमें निर्माण करती है| संविधान की मूलभूत आवश्यकता हम क्या कर सकते हैं, यह हमें बताना नही है, बल्की हम क्या नही कर सकते हैं और हमें क्या नही करना चाहिए, यह बताना है|”</p>
<p><img decoding="async" class="float-center" src="https://pnndigital.s3-ap-south-1.amazonaws.com/prcontent_images/pr_content_1790834802108_1790834802108.png.png" alt="pasted or uploaded image"></p>
<p>इस अवसर पर <b>पारूल विश्ववियालय के अध्यक्ष डॉ</b><b>. </b><b>देवांशू पटेल </b>ने कहा, “संविधान पे चर्चा यह ऐसा प्रयास है जो अर्थपूर्ण संवाद के साथ संविधान की विचारधारा को कानून के व्यवसायिकों की आनेवाली पीढ़ि के सामने लाता है| न्यायमूर्ति, अधिवक्ता गण और विशेषज्ञों के साथ मिल कर छात्रों को ऐसे दृष्टिकोण मिल सकते हैं जिससे उनके शैक्षिक अध्ययन को बढ़ावा मिलता है और कानून के व्यवसाय के तत्त्व, दायित्व और वास्तवता को ले कर और सक्रिय पहल करने की प्रेरणा उन्हे मिलती है|”</p>
<p>कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन करनेवाले पारूल विश्वविद्यालय के विधि के छात्रों का सम्मान भी इस कॉन्क्लेव में किया गया| हैद्राबाद के आईसीएफएआई लॉ स्कूल द्वारा आयोजित <b>11 </b><b>वी श्री</b><b>. </b><b>एन</b><b>. </b><b>जे</b><b>. </b><b>यशस्वी मेमोरियल मूट कोर्ट कंपिटिशन </b><b>2026 </b><b>के विजेता सचिदानंद पाटील</b><b>, </b><b>जय गलवानी और इशांत सुतार को सम्मानित किया गया</b><b>|</b> नई दिल्ली की <b>इनोवेशन इन्स्टिट्युट ऑफ लॉ के द्वारा आयोजित नॅशनल मूट कोर्ट कं</b><b>पिटीशन </b><b>2026 </b><b>में सर्वश्रेष्ठ वक्ता बने प्रियोदर्शिनी रॉय</b> को सम्मानित किया गया| गुजरात के जेजी विश्वविद्यालय में<b> सबसे बड़ी परिचर्चा में कुंज प्रजापती का</b> विशेष उल्लेख किया गया तथा<b> एआईपीपीएम में कांस्य पदक जीतनेवाले स्वयं प्रकाश शुल्का का भी</b> विशेष उल्लेख किया गया<b>|</b></p>
<p>संविधान पे चर्चा 4.0 में प्रतियोगिता पहल के रूप में <b>मूट कोर्ट कंपिटीशन का </b>आयोजन किया गया तथा उसके क्वार्टर फायनल और सेमी फायनल राउंडस अंग्रेजी और गुजराती में हुए| इसमें छात्रों को कानून क्षेत्र के दिग्गजों के सामने अपना कानून से जुड़ा अनुसंधान, विवाद कौशल और एडवोकसी कौशल्य प्रस्तुत करने के लिए विशेष मंच प्रदान किया गया|</p>
<p><img decoding="async" class="selected float-center" src="https://pnndigital.s3-ap-south-1.amazonaws.com/prcontent_images/pr_content_1790834802206_1790834802206.png.png" alt="pasted or uploaded image"></p>
<p>शैक्षिक कार्यक्रम में कार्यशालाएँ भी हुईं|<b> </b><b>श्री</b><b>. </b><b>निहित नागपाल</b> के द्वारा <b>“</b><b>नवाचार वि</b><b>. </b><b>नियमन</b><b>: </b><b>डिजिटल अर्थव्यवस्था में संवैधानिक सन्तुलन की खोज</b><b>” </b>तथा <b>श्री</b><b>. </b><b>जफर खुर्शीद के द्वारा </b><b>“</b><b>संविधान या अधिकार</b><b>: </b><b>आज के भारत में समानता</b><b>, </b><b>स्वतन्त्रता और प्रतिष्ठा</b><b>“</b> प्रस्तुत की गई| अंग्रेजी और गुजराती में हुई इन प्रतियोगिताओं के द्वारा छात्रों को प्रतियोगिता के वातावरण में अपने कानून के तर्क और समर्थन कौशलों की जाँच करने का पुख़्ता अवसर मिला|</p>
<p>न्यायपालिका के वरिष्ठ सदस्य गण के द्वारा अभिभाषण के साथ तथा छात्रों के साथ प्रश्न- उत्तर के सत्र के द्वारा और विजेताओं को पुरस्कार के द्वारा सम्मानित करने के बाद यह तीन दिवसीय संगोष्ठि सम्पन्न हुई| <b>पटना उच्च न्यायालय के आदरणीय न्यायमूर्ति श्री</b><b>. </b><b>सुरेन्द्र पाण्डेय </b>ने <b>संवैधानिक मूल्य</b><b>, </b><b>मानवीय प्रतिष्ठा और न्यायालयीन दायित्व </b>पर अपने विचार रखें और छात्रों को जनहित याचिकाओं के बारे में सोचने के लिए और न्याय वितरण प्रणाली में योगदान देने के लिए कहा| उन्होने उन्हे याद दिया, “सिर्फ किसी का दृष्टिकोण अलग है, इसलिए किसी के साथ शत्रूता करनी आवश्यक नही है|” उन्होने कहा, “न्यायाधीश संविधान के मालिक नही होते हैं| उन्हे बस उसका विश्लेषण करने का दायित्व दिया गया है| संविधान तो हम सबका है|”</p>
<p><b>केरला उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सोमन सेन ने मूलभूत अधिकार</b><b>, </b><b>धारा </b><b>21, </b><b>संवैधानिक नैतिकता</b><b>, </b><b>इमर्जन्सी</b><b>, </b><b>मूलभूत संरचना और नई टेक्नोलॉजीज के कारण होनेवाली चुनौतियों के बारे में </b>अपने विचार रखे| उन्होने कहा, “आज हम इस सभागार से बाहर जाएंगे, लेकीन संविधान उसके भीतर नही आ सकता है|” कानून की एडवोकसी में सोच और तर्क के महत्त्व पर उन्होने बल दिया: “किसी के पक्ष का समर्थन उसके अनुपात पर नही, बल्की उसके पीछे होनेवाले विचार की गुणवत्ता पर निर्भर करता है|”</p>
<p><b>भारतीय उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति एन</b><b>. </b><b>कोटेश्वर सिंह ने युवा अधिवक्ताओं के करिअर की दिशा के बारे में </b>बात करते हुए छात्रों और अभिभावकों को एआई, सायबर अपराध, न्याय विज्ञान (फॉरेन्सिक सायन्स) के बारे में आगाह किया और पैसा अपनी पहली प्राथमिकता न देने की सलाह दी| “जब आप शुरूआत करते हैं, तो पैसों के बारे में मत सोचिए|” उन्होने कहा, “सबसे बड़ी बात व्यक्तियों का सम्मान है| यह सबसे अहम है|” छात्रों के लिए उनका सूत्र था: “स्मार्ट अधिवक्ता बनिए|”</p>
<p>छात्रों ने न्यायपालिका में प्रादेशिक विविधता, सोशल मीडिया अल्गोरिदम्स, आपराधिक जाँच प्रक्रियाओं में विलम्ब, धार्मिक और नागरी विवाद, लम्बे समय तक कारागृह में डालना (incarceration), एनडीपीएस मामले और तेज़ी से जाँच की जाने के अधिकार समेत कई प्रश्न अन्तिम चर्चा में पूछे| तीसरी राज्य मूट कोर्ट प्रतियोगिता (गुजराती) के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए जिसमें पुरस्कार राशि रू. 15,000 और रू. 60,000 थी| तथा चौथे आंतर- विश्वविद्यालयीन मूट कोर्ट कंपिटीशन 2026 के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया और इसमें पुरस्कार राशि रू. 40,000 और रू. 1.75 लाख थी|</p>
<p>संविधान पे चर्चा 4.0 में न्याय क्षेत्र की प्रतिभा, व्यावसायिक दृष्टिकोण और छात्रों की एडवोकसी के बीच आदान प्रदान हुआ तथा विधी के छात्रों को संविधान, वर्तमान की कानूनी चुनौतियाँ और न्याय प्रणाली का वास्तव इनको ले कर संवाद करने के लिए मंच मिल सका| इस संवाद, प्रतियोगिता और इस क्षेत्र के दिग्गजों के साथ सीधे संवाद ने इस पहल को सफल बनाया|</p>]]> </content:encoded>
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<title>डॉ. अवनीश राही की ‘मैं भूख हूँ’ ने साहित्य में उठाया बड़ा सवाल, साइना नेहवाल ने किया लोकार्पण</title>
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<description><![CDATA[ 71 काव्य-रचनाओं की त्रि-आयामी युग–काव्य–संहिता को विश्व कीर्तिमान की मान्यता; राही को मिला वैश्विक साहित्य नवाचार सम्मान नई दिल्ली,25 अगस्त: […] ]]></description>
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<pubDate>Tue, 22 Sep 2026 14:46:30 +0530</pubDate>
<dc:creator>PNN</dc:creator>
<media:keywords>डॉ., अवनीश, राही, की, ‘मैं, भूख, हूँ’, ने, साहित्य, में, उठाया, बड़ा, सवाल, साइना, नेहवाल, ने, किया, लोकार्पण</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><img width="1200" height="675" src="https://hindi.pnn.digital/wp-content/uploads/2026/08/PNN-1-1.jpg" class="attachment-post-thumbnail size-post-thumbnail wp-post-image" alt="PNN 1 1" decoding="async"></p><div class="ccfic"></div><div>
<div class="ccfic"></div>
<p><em><b>71 काव्य-रचनाओं की त्रि-आयामी युग–काव्य–संहिता को विश्व कीर्तिमान की मान्यता; राही को मिला वैश्विक साहित्य नवाचार सम्मान</b></em></p>
<p><strong>नई दिल्ली,25 अगस्त:</strong> भूख को यदि केवल पेट की आवश्यकता मान लिया जाए तो उसका अर्थ सीमित हो जाता है। लेकिन जब वही भूख रोटी से आगे बढ़कर शिक्षा, न्याय, सम्मान, अवसर और समानता का प्रश्न बन जाए, तब वह केवल सामाजिक समस्या नहीं रहती—वह साहित्य का विषय भी बन जाती है। डॉ. अवनीश राही की<b> </b><b>“मैं भूख हूँ : एक युग–काव्य–संहिता” (रोटी से राष्ट्र तक की वेदना)</b> इसी व्यापक दृष्टि के साथ सामने आई है। नई दिल्ली में 22 अगस्त को आयोजित राष्ट्रीय साहित्यिक शब्दोत्सव में इस कृति का भव्य लोकार्पण पद्म भूषण एवं विश्वप्रसिद्ध बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने किया। इसी अवसर पर डॉ. राही को “वैश्विक साहित्य नवाचार सम्मान” से सम्मानित किया गया।</p>
<p>काइट्सक्राफ्ट प्रोडक्शंस एलएलपी के तत्वावधान में आयोजित समारोह में साइना नेहवाल ने डॉ. राही को अंगवस्त्र, प्रशस्ति-पत्र, स्मृति-चिह्न एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। ‘मैं भूख हूँ’ से जुड़े विश्व कीर्तिमान पर बधाई देते हुए उन्होंने कृति को साहित्य की पारंपरिक प्रस्तुति से आगे ले जाने वाला अभिनव प्रयोग बताया। उनके अनुसार यह साहित्य को पठनीय, श्रवणीय और दर्शनीय रूप में अनुभव करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।</p>
<p>साइना नेहवाल की उपस्थिति ने इस आयोजन को एक अलग सांस्कृतिक अर्थ भी दिया। खेल के मैदान में भारत को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने वाली खिलाड़ी के हाथों ऐसी साहित्यिक कृति का लोकार्पण हुआ, जिसका केंद्र समाज के उन प्रश्नों पर है, जो मनुष्य के जीवन की बुनियादी जरूरतों और उसके अधिकारों से जुड़े हैं। यह उपलब्धि और संवेदना का ऐसा संगम रहा, जिसमें खेल और साहित्य अपनी-अपनी सीमाओं से निकलकर एक साझा मानवीय सरोकार पर दिखाई दिए।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-6087" src="https://hindi.pnn.digital/wp-content/uploads/2026/08/PNN-2.jpg" sizes="(max-width: 1200px) 100vw, 1200px" srcset="https://hindi.pnn.digital/wp-content/uploads/2026/08/PNN-2.jpg 1200w, https://hindi.pnndigital.com/wp-content/uploads/2026/08/PNN-2-150x84.jpg 150w, https://hindi.pnndigital.com/wp-content/uploads/2026/08/PNN-2-450x253.jpg 450w, https://hindi.pnndigital.com/wp-content/uploads/2026/08/PNN-2-768x432.jpg 768w" alt="Dr. Avnish Rahi’s Main Bhookh Hoon Raises a Major Question in Literature; Saina Nehwal Launches the Book-PNN" width="1200" height="675"></p>
<p>“मैं भूख हूँ” की विशिष्टता उसके शीर्षक में जितनी दिखाई देती है, उससे कहीं अधिक उसकी वैचारिक संरचना में है। 71 काव्य-रचनाओं वाली इस युग–काव्य–संहिता में ‘भूख’ को केवल विषय के रूप में नहीं, बल्कि महा-नायिका के रूप में देखा गया है।</p>
<p>यह भूख रोटी की है, लेकिन केवल रोटी की नहीं। यह गरीबी की भूख है, बेरोजगारी की भूख है, शिक्षा की भूख है, न्याय की भूख है, सम्मान की भूख है, अवसर की भूख है और समानता की भूख है। यहीं से कृति की यात्रा व्यक्ति से समाज और समाज से राष्ट्र तक जाती है। “रोटी से राष्ट्र तक की वेदना” इसीलिए केवल उपशीर्षक नहीं, बल्कि पूरे ग्रंथ की वैचारिक दिशा को समझने का सूत्र बन जाती है।</p>
<p>डॉ. राही के लिए गीत केवल भावनाओं को व्यक्त करने का माध्यम नहीं है। वह अपने समय की पीड़ा, विसंगतियों और प्रश्नों को स्वर देने का माध्यम भी है। इसी दृष्टि को वह एक पंक्ति में व्यक्त करते हैं—</p>
<p><b>“जहाँ भूख है—वहाँ मैं हूँ,</b></p>
<p><b>और जहाँ मैं हूँ—वहाँ सुलगते प्रश्न हैं।”</b></p>
<p>इस कथन में “मैं भूख हूँ” की रचनात्मक चेतना दिखाई देती है। यहाँ भूख आँकड़ा नहीं है; वह अनुभव है। वह केवल आवश्यकता नहीं; वह आकांक्षा है। और अंततः वह ऐसा प्रश्न है, जो समाज से उत्तर चाहता है।</p>
<p>कृति की दूसरी महत्वपूर्ण विशेषता इसका त्रि-आयामी स्वरूप है। 71 काव्य-रचनाओं के साथ QR कोड आधारित प्रस्तुति के माध्यम से पाठक रचनाओं को पढ़ने के साथ उन्हें सुन और देख भी सकता है। इस तरह साहित्य का अनुभव केवल मुद्रित पृष्ठ तक सीमित नहीं रहता। शब्द स्वर में बदलता है और स्वर दृश्य तक पहुँचता है। इसी अभिनव त्रि-आयामी साहित्यिक प्रस्तुति के लिए “मैं भूख हूँ” को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज कर विश्व कीर्तिमान बनाया गया है।</p>
<p>हालाँकि इस कृति की सार्थकता केवल तकनीकी प्रयोग में नहीं है। तकनीक यहाँ माध्यम है; उसके पीछे साहित्य का मूल प्रश्न खड़ा है—मनुष्य और उसकी अधूरी जरूरतों का प्रश्न। यही कारण है कि “मैं भूख हूँ” को केवल एक रिकॉर्ड के रूप में देखना इसके साहित्यिक महत्व को सीमित करना होगा।</p>
<p>डॉ. अवनीश राही की चार दशकों से अधिक की साहित्यिक यात्रा से निकली यह कृति उनके गीत-सृजन, सामाजिक सरोकार और आधुनिक प्रस्तुति के बीच विकसित हुई रचनात्मक दृष्टि को सामने रखती है। अलीगढ़ की साहित्यिक और शैक्षिक भूमि इस यात्रा का महत्वपूर्ण आधार रही है। इसी सृजनभूमि से निकली कृति अब राष्ट्रीय साहित्यिक मंच तक पहुँची है। इसलिए इसका दिल्ली तक पहुँचना केवल एक पुस्तक का स्थान बदलना नहीं, बल्कि एक शहर की साहित्यिक परंपरा का व्यापक राष्ट्रीय संवाद से जुड़ना भी है।</p>
<p>डॉ. राही ने प्राप्त सम्मान अपने प्रथम गुरु एवं पिता महाकवि अमर सिंह राही को समर्पित किया। उन्होंने कहा, “मेरे लिए यह बहुत भावुक क्षण है। मुझे साहित्य का पहला सबक अपने पिता से ही मिला है। मैं अपने पिता में ही अपने जीवन का सम्पूर्ण महाग्रंथ देखता हूँ। ‘मैं भूख हूँ’ के लिए मिले इस सम्मान में उन सभी साहित्यकारों, साहित्यप्रेमियों और पाठकों का भी योगदान है, जिनसे मुझे किसी न किसी रूप में कुछ न कुछ सीखने को मिला है। यह सम्मान मेरे लिए खुशी के साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है और इससे मेरी जिम्मेदारी और बढ़ गई है।”</p>
<p>समारोह में डॉ. सुरभि सचिन धनवाला, रज़ा उर रहमान, मो. बदर उज जमान और आनंद प्रकाश सहित साहित्य, कला, शिक्षा, खेल और संस्कृति जगत की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियाँ उपस्थित रहीं।</p>
<p>22 अगस्त का यह आयोजन इस दृष्टि से भी उल्लेखनीय रहा कि एक ही मंच पर साहित्यिक लोकार्पण, रचनाकार का सम्मान, विश्व कीर्तिमान और साहित्य की आधुनिक प्रस्तुति—चारों आयाम एक साथ उपस्थित हुए। लेकिन इन सभी उपलब्धियों के बीच “मैं भूख हूँ” का सबसे बड़ा प्रश्न फिर भी वही है—क्या साहित्य भूख की आवाज बन सकता है?</p>
<p>इस कृति का उत्तर उसके कथ्य और संरचना में दिखाई देता है। वह भूख को केवल पेट तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उसे शिक्षा, न्याय, सम्मान, अवसर और समानता से जोड़ती है और फिर उसी प्रश्न को राष्ट्र के व्यापक संदर्भ में रखती है।</p>
<p>यही इसकी मूल यात्रा है—रोटी से राष्ट्र तक।</p>
<p>और शायद किसी भी साहित्यिक कृति की सबसे बड़ी शक्ति यही होती है कि वह पाठक को केवल उत्तर देकर नहीं, बल्कि ऐसा प्रश्न देकर विदा करे जो उसके भीतर देर तक जीवित रहे।</p>
<p>“मैं भूख हूँ” का प्रश्न भी ऐसा ही है।</p>
<p>भूख जहाँ है, साहित्य का प्रश्न वहीं से शुरू होता है।</p>
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</div>]]> </content:encoded>
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<title>सतीश सनपाल: परोपकार और उद्देश्य&#45;प्रेरित नेतृत्व के माध्यम से सामाजिक प्रभाव को बढ़ावा देना</title>
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<pubDate>Tue, 22 Sep 2026 14:46:23 +0530</pubDate>
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<content:encoded><![CDATA[<p><img width="1200" height="675" src="https://hindi.pnn.digital/wp-content/uploads/2026/08/PNN-2026-08-29T145537524-1.jpg" class="attachment-post-thumbnail size-post-thumbnail wp-post-image" alt="PNN 2026 08 29T145537524 1" decoding="async"></p><div>
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<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" data-start="98" data-end="474"><span data-sheets-root="1"><strong>नई दिल्ली,29 अगस्त:</strong> </span>सतीश सनपाल, जो यूएई स्थित उद्यमी और व्यवसायिक नेता हैं, ऐसे नेतृत्व दर्शन से तेजी से जुड़े हुए हैं जो व्यवसायिक विकास और वित्तीय उपलब्धियों से आगे बढ़ता है। अपनी परोपकारी पहलों के माध्यम से, सनपाल सामाजिक प्रभाव, सामुदायिक सशक्तिकरण और मानवीय सहायता पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जो इस विश्वास को दर्शाता है कि सार्थक सफलता का माप उस बदलाव से होता है जो कोई समाज में ला सकता है।</p>
<p data-start="476" data-end="792">इस दृष्टिकोण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा सनपाल फाउंडेशन है, जो सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे समुदायों और व्यक्तियों की सहायता के लिए संसाधनों और प्रभाव का उपयोग करने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उनका दर्शन इस विचार पर केंद्रित है कि धन तब अधिक सार्थक बनता है जब वह सकारात्मक बदलाव में योगदान देता है।</p>
<h3 data-section-id="1nxt12m" data-start="794" data-end="842"><span role="text"><strong data-start="797" data-end="842">सतीश सन पाल का परोपकार के प्रति दृष्टिकोण</strong></span></h3>
<p data-start="844" data-end="1057">सतीश सन पाल के लिए, परोपकार पारंपरिक धर्मार्थ दान से कहीं अधिक है। उनकी पहलें खाद्य सुरक्षा, सामुदायिक कल्याण, सशक्तिकरण, शिक्षा और मानवीय सहायता सहित महत्वपूर्ण सामाजिक चिंताओं को संबोधित करने का प्रयास करती हैं।</p>
<p data-start="1059" data-end="1243">फाउंडेशन “ द्वारा उजागर किया गया एक उदाहरण युगांडा में होप, केयर ” एंड लव पहल है। यह अभियान मानवीय संगठनों के सहयोग से चलाया गया और इसका ध्यान कमजोर बच्चों को सहायता प्रदान करने पर था।</p>
<p data-start="1245" data-end="1429">इस पहल के तहत, 2,000 वंचित बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया गया, जिससे तत्काल पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ बाल कल्याण के व्यापक मुद्दे की ओर भी ध्यान आकर्षित हुआ।</p>
<h3 data-section-id="fvu289" data-start="1431" data-end="1477"><span role="text"><strong data-start="1434" data-end="1477">सामुदायिक सशक्तिकरण और समानता का समर्थन</strong></span></h3>
<p data-start="1479" data-end="1776">सनपाल फाउंडेशन से जुड़ा परोपकारी दृष्टिकोण सामुदायिक विकास, सशक्तिकरण और लैंगिक समानता जैसे व्यापक विषयों को भी शामिल करता है। ये क्षेत्र ऐसे दृष्टिकोण को दर्शाते हैं, जिसका उद्देश्य लोगों को केवल तत्काल आवश्यकता के समय सहायता देना ही नहीं, बल्कि मजबूत और अधिक सक्षम समुदायों को बढ़ावा देना भी है।</p>
<p data-start="1778" data-end="2017">संगठनों और समुदाय-केंद्रित पहलों के साथ काम करके, सनपाल के परोपकारी प्रयास व्यवसायिक नेताओं, धर्मार्थ संगठनों और स्थानीय समुदायों के बीच सहयोग की उस क्षमता को प्रदर्शित करते हैं, जिसके माध्यम से सामाजिक चुनौतियों का समाधान किया जा सकता है।</p>
<h3 data-section-id="1ltg9xu" data-start="2019" data-end="2065"><span role="text"><strong data-start="2022" data-end="2065">व्यवसाय से आगे उद्देश्य-प्रेरित नेतृत्व</strong></span></h3>
<p data-start="2067" data-end="2365">अपने उद्यमशील और व्यवसायिक नेतृत्व के लिए जाने जाने वाले सतीश सनपाल ने सामाजिक जिम्मेदारी को भी अपने व्यापक नेतृत्व दृष्टिकोण का हिस्सा बनाया है। उनका कार्य दर्शाता है कि उद्यमी अपने अनुभव, नेटवर्क और संसाधनों का उपयोग अपने व्यावसायिक हितों से परे विभिन्न कारणों में योगदान देने के लिए कर सकते हैं।</p>
<p data-start="2367" data-end="2681">यह दर्शन ऐसे वातावरण में विशेष रूप से प्रासंगिक है, जहाँ उद्देश्य-प्रेरित व्यवसायिक नेतृत्व और कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी तेजी से महत्वपूर्ण होती जा रही है। आधुनिक उद्यमियों के लिए, मूल्य का निर्माण केवल वित्तीय लाभ तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि इसमें समुदायों और समाज के लिए सकारात्मक योगदान भी शामिल हो सकता है।</p>
<h3 data-section-id="72o6tf" data-start="2683" data-end="2742"><span role="text"><strong data-start="2686" data-end="2742">सामाजिक प्रभाव के माध्यम से सार्थक विरासत का निर्माण</strong></span></h3>
<p data-start="2744" data-end="3030">सतीश सन — पाल की परोपकारी यात्रा उद्यमिता के एक व्यापक दृष्टिकोण को उजागर करती है जहाँ पेशेवर सफलता और सामाजिक जिम्मेदारी साथ-साथ चल सकती हैं। सनपाल फाउंडेशन और मानवीय पहलों के माध्यम से, उनका ध्यान कमजोर समुदायों का समर्थन करने और सार्थक सामाजिक परिणामों में योगदान देने पर बना हुआ है।</p>
<p data-start="3032" data-end="3128">अंततः, सनपाल का दृष्टिकोण परोपकार को स्थायी सामाजिक प्रभाव के मार्ग के रूप में प्रस्तुत करता है।</p>
<p data-start="3130" data-end="3341">मानवीय कारणों, सामुदायिक सशक्तिकरण और समानता की दिशा में ध्यान और संसाधनों को केंद्रित करके, उनका उद्देश्य यह प्रदर्शित करना है कि उद्यमशील सफलता करुणा, जिम्मेदारी और सकारात्मक बदलाव के लिए भी एक मंच बन सकती है।</p>
<p data-start="3343" data-end="3548" data-is-last-node="" data-is-only-node="">सतीश सन पाल के लिए, उपलब्धि का स्थायी माप केवल यह नहीं है कि व्यवसाय में क्या बनाया गया, बल्कि यह भी है कि दूसरों के लिए कितने अवसर, सहायता और आशा का निर्माण किया गया।</p>
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<title>जबलपुर से ग्लोबल स्टेज तक: लाइव एंटरटेनमेंट में पार्थो घोष का सफर</title>
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<description><![CDATA[ लाइव एंटरटेनमेंट की दुनिया में सफलता अक्सर मजबूत नेटवर्क, सटीक क्रियान्वयन और दबाव भरी परिस्थितियों को संभालने की क्षमता पर […] ]]></description>
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<pubDate>Tue, 22 Sep 2026 14:46:22 +0530</pubDate>
<dc:creator>PNN</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><img width="1200" height="675" src="https://hindi.pnn.digital/wp-content/uploads/2026/09/PNN-2026-09-01T175756.319.jpg" class="attachment-post-thumbnail size-post-thumbnail wp-post-image" alt="पार्थो घोष" decoding="async"></p><div class="ccfic"></div><div class="qMYqUG_convSearchResultHighlightRoot">
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<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" data-start="0" data-end="237">लाइव एंटरटेनमेंट की दुनिया में सफलता अक्सर मजबूत नेटवर्क, सटीक क्रियान्वयन और दबाव भरी परिस्थितियों को संभालने की क्षमता पर निर्भर करती है। ऐसे में <strong data-start="148" data-end="162">पार्थो घोष</strong> ने अपनी मेहनत, दृढ़ता और आत्मविश्वास के दम पर एक उल्लेखनीय करियर बनाया है।</p>
<p data-start="239" data-end="682">मूल रूप से मध्य प्रदेश के <strong data-start="265" data-end="275">जबलपुर</strong> से ताल्लुक रखने वाले पार्थो वर्तमान में मुंबई स्थित <strong data-start="328" data-end="383">X-Factor Entertainment में Head of Artist Relations</strong> के पद पर कार्यरत हैं। एक दशक से अधिक समय से इस नेतृत्वकारी भूमिका में रहते हुए उन्होंने भारत की कई प्रमुख हस्तियों के साथ काम किया है, जिनमें <strong data-start="526" data-end="656">सचिन तेंदुलकर, शाहिद कपूर, सोनू निगम, अरिजीत सिंह, श्रेया घोषाल, सुनिधि चौहान, सुखविंदर सिंह, जुबिन नौटियाल, ऋषभ रिखीराम शर्मा</strong> और कई अन्य नाम शामिल हैं।</p>
<p data-start="684" data-end="886">उनके पेशेवर सफर ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक भी पहुंचाया है। उन्होंने <strong data-start="760" data-end="826">अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और अज़रबैजान</strong> में बड़े लाइव प्रोडक्शंस और कार्यक्रमों का प्रबंधन किया है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-6144" src="https://hindi.pnndigital.com/wp-content/uploads/2026/09/PNN-2026-09-01T175911.663.jpg" alt="पार्थो घोष" width="1200" height="675"></p>
<p data-start="1009" data-end="1094">हालांकि, एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में उनकी एंट्री बिल्कुल पारंपरिक तरीके से नहीं हुई थी।</p>
<p data-start="1096" data-end="1508">मध्यवर्गीय परिवार में जन्मे पार्थो के पिता बिजली विभाग से सेवानिवृत्त हुए हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं। अपने छोटे भाई के साथ बड़े होते हुए पार्थो की रुचि बचपन से ही <strong data-start="1262" data-end="1326">स्केचिंग, शास्त्रीय संगीत, लाइव कॉन्सर्ट और सेलिब्रिटी कल्चर</strong> में रही। वह खुद को पढ़ाई में एक औसत छात्र बताते हैं, लेकिन क्रिएटिव आर्ट्स के प्रति उनका जुनून हमेशा मजबूत रहा। उन्होंने <strong data-start="1448" data-end="1499">तीन वर्षों तक औपचारिक रूप से संगीत का प्रशिक्षण</strong> भी लिया।</p>
<p data-start="1510" data-end="1761">उनकी शैक्षणिक यात्रा की शुरुआत साइंस और इंजीनियरिंग से हुई, लेकिन बाद में उन्हें महसूस हुआ कि उनकी रुचियां कॉमर्स और इकोनॉमिक्स के क्षेत्र से अधिक जुड़ी हुई हैं। यही बदलाव आगे चलकर उन्हें <strong data-start="1698" data-end="1747">इवेंट प्रोडक्शन और लाइव एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री</strong> की ओर ले गया।</p>
<p data-start="1763" data-end="2023">उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण मोड़ कॉलेज के दौरान आया, जब उन्होंने जबलपुर में <strong data-start="1838" data-end="1871">मीका सिंह का एक लाइव कॉन्सर्ट</strong> देखा। कार्यक्रम का स्तर, उसकी ऊर्जा और पर्दे के पीछे होने वाला समन्वय देखकर उनके भीतर लाइव एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का हिस्सा बनने का संकल्प और मजबूत हुआ।</p>
<p data-start="2025" data-end="2338">हालांकि, इस सपने को पूरा करना आसान नहीं था। उस समय जबलपुर में प्रोफेशनल आर्टिस्ट मैनेजमेंट को बहुत व्यापक रूप से नहीं समझा जाता था। आर्थिक सीमाओं और परिवार की शुरुआती असहमति ने भी चुनौती बढ़ाई। इसके बावजूद पार्थो अपने लक्ष्य पर कायम रहे और इंडस्ट्री में एक भरोसेमंद करियर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास करते रहे।</p>
<p data-start="2340" data-end="2612">उनकी प्रेरणा का एक व्यक्तिगत पहलू भी था। उन्होंने अपनी तत्कालीन गर्लफ्रेंड से वादा किया था कि वह <strong data-start="2437" data-end="2486">दो वर्षों के भीतर एक स्थिर और सम्मानजनक करियर</strong> बनाएंगे और उनके परिवार की शादी के लिए सहमति हासिल करेंगे। यह प्रतिबद्धता उनके लिए आगे बढ़ते रहने की एक मजबूत प्रेरणा बनी रही।</p>
<p data-start="2614" data-end="2885">उनका बड़ा ब्रेक तब आया जब उनका संपर्क <strong data-start="2652" data-end="2692">X-Factor Entertainment के देवांग शाह</strong> से हुआ। यह अवसर उनके करियर में एक महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आया और धीरे-धीरे उन्हें प्रमुख कलाकारों के साथ काम करने और अंतरराष्ट्रीय दौरों को मैनेज करने की जिम्मेदारियों के केंद्र में पहुंचा दिया।</p>
<p data-start="2887" data-end="3291">उनके सफर की सबसे दिलचस्प घटनाओं में से एक कॉमेडियन और अभिनेता <strong data-start="2949" data-end="2965">सुनील ग्रोवर</strong> से जुड़ी है। कई साल पहले पार्थो ने एक प्रशंसक के रूप में उनके साथ फोटो लेने की कोशिश की थी, लेकिन वह सफल नहीं हो पाए। वर्षों बाद, अपनी पेशेवर जिम्मेदारियों के तहत उन्हें <strong data-start="3136" data-end="3188">सुनील ग्रोवर के ग्लोबल टूर को मैनेज करने का अवसर</strong> मिला। यह अनुभव इस बात का प्रतीक बन गया कि निरंतर प्रयास और तैयारी इंसान को कितनी दूर तक ले जा सकती है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-6145" src="https://hindi.pnndigital.com/wp-content/uploads/2026/09/PNN-2026-09-01T175956.128.jpg" alt="पार्थो घोष" width="1200" height="675"></p>
<p data-start="3414" data-end="3717">समय के साथ पार्थो ने इंडस्ट्री के सहयोगियों और अनुभवी पेशेवरों के बीच एक <strong data-start="3487" data-end="3513">self-made professional</strong> के रूप में पहचान बनाई। एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में किसी पारिवारिक कनेक्शन या आर्थिक विरासत के बिना उन्होंने जमीन से सीखते हुए, मजबूत रिश्ते बनाते हुए और लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए अपना करियर खड़ा किया।</p>
<p data-start="3719" data-end="3953">उनकी व्यक्तिगत यात्रा भी उस लक्ष्य तक पहुंची, जिसने शुरुआत में उनके संकल्प को मजबूती दी थी। अपने लंबे समय के साथी से उन्होंने विवाह किया और अपने उस वादे को पूरा किया, जिसके तहत वह एक सुरक्षित और सम्मानजनक पेशेवर भविष्य बनाना चाहते थे।</p>
<p data-start="3955" data-end="4213">आज पार्थो घोष की कहानी सिर्फ व्यक्तिगत सफलता की कहानी नहीं है। यह दिखाती है कि <strong data-start="4034" data-end="4150">टियर-2 और टियर-3 शहरों से आने वाले युवा भी भारत की एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में एक सफल और सार्थक करियर बना सकते हैं</strong>, भले ही उनके पास शुरुआत में मजबूत नेटवर्क या विशेष पहुंच न हो।</p>
<p data-start="4215" data-end="4357">भविष्य की ओर देखते हुए पार्थो आज भी कृतज्ञता की भावना और <strong data-start="4272" data-end="4341">ग्लोबल स्तर पर लाइव एंटरटेनमेंट के मानकों को बेहतर बनाने की इच्छा</strong> से प्रेरित हैं।</p>
<p data-start="4359" data-end="4591" data-is-last-node="" data-is-only-node=""><em data-start="4359" data-end="4591" data-is-last-node=""><strong data-start="4360" data-end="4590">जबलपुर में एक कॉन्सर्ट देखने वाले उत्साही प्रशंसक से लेकर देश-विदेश में चर्चित कलाकारों और बड़े लाइव प्रोडक्शंस को मैनेज करने वाले एक भरोसेमंद प्रोफेशनल तक का उनका सफर आखिरकार महत्वाकांक्षा, दृढ़ता और लगातार मेहनत की कहानी है।</strong></em></p>
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<title>बदलाव की पहल: समाज सेवा के जरिए लोगों तक पहुंचा रहे मदद का हाथ &#45;श्री धनंजय कुमार</title>
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<description><![CDATA[ सामाजिक सेवाओं में नई दिल्ली, 14 सितंबर: श्री धनंजय कुमार सिंह एक शिक्षित, अनुभवी एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े हुए […] ]]></description>
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<pubDate>Tue, 22 Sep 2026 14:46:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>PNN</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><img width="1200" height="675" src="https://hindi.pnn.digital/wp-content/uploads/2026/09/PNN-1-1-1.jpg" class="attachment-post-thumbnail size-post-thumbnail wp-post-image" alt="PNN 1 1 1" decoding="async"></p><div class="ccfic"></div><div>
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<p><em>सामाजिक सेवाओं में</em></p>
<section class="min-h-0 flex flex-col transition-opacity duration-200 relative md:flex-1 md:min-w-0 md:w-1/2" aria-label="Formatted output">
<article class="flex-1 overflow-auto p-4 relative hover:bg-muted/20 transition-colors duration-150 focus:outline-none" tabindex="-1">
<div class="docs-output animate-fade-in">
<p><strong>नई दिल्ली, 14 सितंबर: </strong>श्री धनंजय कुमार सिंह एक शिक्षित, अनुभवी एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े हुए उद्यमी हैं। उन्होंने इंजीनियरिंग की शिक्षा पूर्ण करने के पश्चात भारती ग्रुप, हॉलैंड ट्रैक्टर्स, रिलायंस इन्फोकॉम, AFCON सहित विभिन्न प्रतिष्ठित कॉरपोरेट संस्थानों के साथ कार्य किया। कॉरपोरेट क्षेत्र में कई वर्षों तक कार्य करने के बाद उन्होंने स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ करने का निर्णय लिया और आज वे सफलतापूर्वक दो कंपनियों का संचालन कर रहे हैं।</p>
<p>उनकी प्रमुख कंपनियां DK Foods एवं Aarth Enterprises हैं। DK Foods मुख्य रूप से F&B Services के क्षेत्र में कार्यरत है, जबकि अर्थ इंटरप्राइजेज कृषि क्षेत्र से जुड़े विभिन्न कार्यों में सक्रिय है।</p>
<p>DK Foods के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 4,000 से 5,000 लोगों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाता है। कंपनी के माध्यम से लगभग 200 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त हो रहा है। इस प्रकार उनका व्यावसायिक कार्य केवल आर्थिक गतिविधि तक सीमित न होकर रोजगार सृजन और समाज के विभिन्न वर्गों तक आवश्यक सेवाएं पहुंचाने का माध्यम भी बना हुआ है.</p>
<h2>सामाजिक सेवा के प्रति समर्पण</h2>
<p>श्री धनंजय कुमार सिंह के व्यक्तित्व का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष उनका सामाजिक एवं मानवीय दृष्टिकोण है। उनका मानना है कि समाज में व्यक्ति की वास्तविक पहचान केवल उसकी उपलब्धियों से नहीं, बल्कि इस बात से होती है कि वह अपनी क्षमता, समय और संसाधनों का उपयोग समाज के जरूरतमंद लोगों के लिए किस प्रकार करता है।</p>
<p>छात्र जीवन से ही उनका झुकाव सामाजिक एवं सार्वजनिक हित के कार्यों की ओर रहा है। इसी भावना के चलते वे विभिन्न ट्रस्ट एवं सामाजिक संस्थाओं से जुड़े और टीम के साथ मिलकर जरूरतमंद लोगों की सहायता एवं सेवा के अनेक अवसर प्राप्त करते रहे।</p>
<p>समय के साथ उनकी सामाजिक गतिविधियों का दायरा बढ़ता गया और आज वे विशेष रूप से अनाथ बच्चों, वृद्धजनों, जरूरतमंद परिवारों एवं भोजन की आवश्यकता रखने वाले लोगों की सेवा के कार्यों से जुड़े हुए हैं.</p>
<h2>अनाथ आश्रमों में सेवा एवं सहयोग</h2>
<p>श्री धनंजय कुमार सिंह द्वारा अनाथ एवं जरूरतमंद बच्चों के लिए किए जाने वाले सेवा कार्यों में विशेष संवेदनशीलता देखने को मिलती है। अनाथ आश्रमों में जाकर बच्चों के साथ समय बिताना, उनकी आवश्यकताओं को समझना तथा उनकी जरूरत के अनुसार सहयोग उपलब्ध करवाना उनके सामाजिक कार्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है.</p>
<p>अनाथ बच्चों के लिए केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि उनके साथ अपनत्व और भावनात्मक जुड़ाव भी उनके सेवा दृष्टिकोण का हिस्सा है। विभिन्न अवसरों पर बच्चों के लिए भोजन, आवश्यक सामग्री, दैनिक उपयोग की वस्तुएं तथा अन्य जरूरत की सामग्री उपलब्ध कराने में सहयोग किया जाता रहा है.</p>
<p>उनका प्रयास रहता है कि समाज के ऐसे बच्चे, जिन्हें परिवार का सहारा नहीं मिल पाया, उन्हें यह महसूस हो कि समाज उनके साथ खड़ा है और उनकी खुशियों एवं जरूरतों की भी उतनी ही अहमियत है.</p>
<h2>वृद्धाश्रमों में सेवा</h2>
<p>वृद्धजनों की सेवा को श्री धनंजय कुमार सिंह सामाजिक जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं। वृद्धाश्रमों में जाकर बुजुर्गों से मुलाकात करना, उनके साथ समय बिताना और उनकी आवश्यकताओं को समझना उनके सेवा कार्यों में प्रमुख स्थान रखता है.</p>
<p>वृद्धावस्था में व्यक्ति को आर्थिक आवश्यकताओं के साथ-साथ सम्मान, अपनापन और भावनात्मक सहयोग की भी आवश्यकता होती है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए वृद्धाश्रमों में जरूरत के अनुसार भोजन, दैनिक उपयोग की सामग्री एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं के वितरण में सहयोग किया जाता है.</p>
<p>बुजुर्गों के साथ समय बिताकर उनके अनुभवों को सुनना और उन्हें सम्मान देना भी उनके लिए सेवा का ही एक रूप है। उनका मानना है कि जिन बुजुर्गों ने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा परिवार और समाज के निर्माण में लगाया है, उनके जीवन के इस पड़ाव पर समाज का उनके प्रति दायित्व और भी बढ़ जाता है.</p>
<h2>भोजन वितरण एवं अन्न सेवा</h2>
<p>श्री धनंजय कुमार सिंह की सामाजिक सेवा गतिविधियों में भोजन वितरण एवं अन्न सेवा का विशेष महत्व है.</p>
<p>DK Foods के माध्यम से प्रतिदिन हजारों लोगों के लिए भोजन तैयार करने एवं उपलब्ध कराने का व्यापक अनुभव होने के कारण भोजन सेवा को उन्होंने सामाजिक जिम्मेदारी से भी जोड़ा है.</p>
<p>जरूरतमंद लोगों, गरीब परिवारों, श्रमिकों, असहाय व्यक्तियों तथा अन्य वंचित वर्गों तक भोजन पहुंचाने के कार्यों में वे समय-समय पर सहयोग करते रहे हैं.</p>
<p>उनकी सोच है कि कोई भी व्यक्ति केवल भोजन के अभाव में भूखा न रहे। इसी उद्देश्य से विभिन्न अवसरों पर भोजन पैकेट एवं तैयार भोजन का वितरण किया जाता है। विशेष अवसरों, सामाजिक कार्यक्रमों एवं आवश्यकता के समय भोजन सेवा के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने का प्रयास किया जाता है.</p>
<p>यह सेवा उनके लिए केवल भोजन वितरण नहीं, बल्कि ‘अन्न सेवा के माध्यम से मानव सेवा’ का माध्यम है.</p>
<h2>जरूरतमंद एवं वंचित वर्गों के प्रति संवेदनशीलता</h2>
<p>समाज के आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों के प्रति भी श्री धनंजय कुमार सिंह की विशेष संवेदनशीलता रही है। उनका प्रयास रहता है कि आवश्यकता के समय व्यक्ति को यथासंभव सहयोग उपलब्ध कराया जा सके.</p>
<p>उनकी सामाजिक सोच का आधार यह है कि समाज में संसाधन रखने वाले लोगों को अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए। इसी भावना के साथ वे व्यक्तिगत स्तर पर तथा अपनी टीम के साथ मिलकर विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में योगदान देते हैं.</p>
<h2>सेवा के साथ सम्मान और आत्मीयता</h2>
<p>श्री धनंजय कुमार सिंह की सामाजिक सेवा की विशेषता केवल सहायता उपलब्ध करवाना नहीं, बल्कि सेवा प्राप्त करने वाले व्यक्ति को सम्मान और आत्मीयता देना है.</p>
<p>अनाथ बच्चों के साथ अपनत्व, वृद्धजनों के साथ सम्मान और जरूरतमंदों के साथ संवेदनशील व्यवहार उनके सेवा कार्यों की मूल भावना है.</p>
<p>उनका मानना है कि समाज सेवा में सबसे महत्वपूर्ण चीज केवल संसाधन नहीं, बल्कि सेवा की भावना है। यदि सहायता के साथ सम्मान और संवेदना जुड़ी हो तो उसका प्रभाव कहीं अधिक व्यापक होता है.</p>
<h2>रोजगार सृजन भी समाज सेवा का एक माध्यम</h2>
<p>सामाजिक जिम्मेदारी केवल दान या सेवा गतिविधियों तक सीमित नहीं है। श्री धनंजय कुमार सिंह का व्यावसायिक दृष्टिकोण भी समाज के लिए रोजगार सृजन का माध्यम बना है.</p>
<p>उनकी कंपनी के माध्यम से लगभग 200 लोगों को रोजगार मिल रहा है। इससे अनेक परिवारों की आजीविका चल रही है। उनका मानना है कि किसी व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उसे सम्मानजनक रोजगार का अवसर देना भी समाज सेवा का महत्वपूर्ण स्वरूप है.</p>
<p>इसी सोच के साथ वे अपने व्यवसाय के माध्यम से रोजगार के अवसर पैदा करने तथा लोगों को अपने पैरों पर खड़ा होने में सहयोग देने की दिशा में भी कार्य कर रहे हैं.</p>
<h2>सेवा कार्यों की मूल भावना</h2>
<p>श्री धनंजय कुमार सिंह के सामाजिक जीवन की मूल भावना “मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है” की विचारधारा से प्रेरित दिखाई देती है.</p>
<p>उनका प्रयास किसी एक वर्ग, संस्था या अवसर तक सीमित नहीं है। वे समाज के विभिन्न जरूरतमंद वर्गों के लिए अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग करने में विश्वास रखते हैं.</p>
<p>उनके सेवा कार्यों के प्रमुख क्षेत्र हैं—</p>
<ul>
<li>अनाथ बच्चों एवं अनाथ आश्रमों में सेवा एवं सहयोग</li>
<li>वृद्धाश्रमों में बुजुर्गों की सेवा</li>
<li>जरूरतमंद लोगों के लिए भोजन वितरण</li>
<li>अन्न सेवा एवं भोजन व्यवस्था में सहयोग</li>
<li>गरीब एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की सहायता</li>
<li>सामाजिक एवं सार्वजनिक हित के कार्यक्रमों में सहभागिता</li>
<li>जरूरतमंदों को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने में सहयोग</li>
<li>रोजगार के माध्यम से लोगों को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास</li>
<li>विभिन्न ट्रस्ट एवं सामाजिक संस्थाओं के साथ सेवा कार्यों में सहभागिता</li>
</ul>
<h2>सामाजिक दृष्टिकोण</h2>
<p>श्री धनंजय कुमार सिंह का मानना है कि व्यक्ति कितना भी सफल क्यों न हो, उसकी सफलता तभी सार्थक होती है जब उसका लाभ समाज के जरूरतमंद वर्गों तक भी पहुंचे.</p>
<p>परिवार से मिले संस्कारों और अपने जीवन के अनुभवों ने उन्हें सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति सजग बनाया। व्यवसाय के साथ-साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है.</p>
<p>उनका प्रयास है कि आने वाले समय में भी सामाजिक सेवा के कार्यों को और व्यापक रूप दिया जाए तथा अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाई जाए.</p>
<p>श्री धनंजय कुमार सिंह का जीवन शिक्षा, संघर्ष, व्यवसाय, रोजगार सृजन और सामाजिक सेवा के समन्वय का उदाहरण है। एक सफल उद्यमी के रूप में उन्होंने अपने व्यवसाय को स्थापित किया, वहीं दूसरी ओर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी निरंतर महत्व दिया.</p>
<p>अनाथ बच्चों के प्रति संवेदना, वृद्धजनों के प्रति सम्मान, जरूरतमंदों के लिए भोजन सेवा तथा रोजगार के माध्यम से लोगों को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास उनके सामाजिक व्यक्तित्व को एक अलग पहचान देता है.</p>
<p>उनकी सामाजिक यात्रा यह संदेश देती है कि सफलता का वास्तविक मूल्य तभी है, जब व्यक्ति अपनी सफलता का कुछ हिस्सा समाज की भलाई और जरूरतमंदों की मुस्कान के लिए समर्पित करे.</p>
<p>श्री धनंजय कुमार सिंह का प्रयास निरंतर यही रहा है कि समाज के वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों तक सहायता, सम्मान और अपनत्व पहुंचाया जाए तथा सेवा की इस भावना को आगे बढ़ाया जाए.</p>
</div>
</article>
</section>
</div>]]> </content:encoded>
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<title>एम3एम फाउंडेशन ने कुरुक्षेत्र और गुरुग्राम में हेल्थ चेक&#45;अप कियोस्क शुरू किए</title>
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<description><![CDATA[ श्री मुकेश शर्मा और डॉ. ऐश्वर्या महाजन, M3M Foundation के मैनेजिंग ट्रस्टी और प्रेसिडेंट, ने स्वास्थ्य जांच कियोस्क का उद्घाटन […] ]]></description>
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<pubDate>Tue, 22 Sep 2026 14:46:07 +0530</pubDate>
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<media:keywords>एम3एम, फाउंडेशन, ने, कुरुक्षेत्र, और, गुरुग्राम, में, हेल्थ, चेक-अप, कियोस्क, शुरू, किए</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><img width="1200" height="675" src="https://hindi.pnn.digital/wp-content/uploads/2026/09/PNN-2026-09-15T173516033.jpg" class="attachment-post-thumbnail size-post-thumbnail wp-post-image" alt="PNN 2026 09 15T173516033" decoding="async"></p><div class="ccfic"></div><div>
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<p dir="auto" data-start="0" data-end="136" data-is-last-node="" data-is-only-node=""><em><strong data-start="0" data-end="136" data-is-last-node="" data-is-only-node="">श्री मुकेश शर्मा और डॉ. ऐश्वर्या महाजन, M3M Foundation के मैनेजिंग ट्रस्टी और प्रेसिडेंट, ने स्वास्थ्य जांच कियोस्क का उद्घाटन किया।</strong></em></p>
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<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" dir="auto" data-start="277" data-end="601"><strong>गुरुग्राम (हरियाणा) [भारत], 15 सितंबर: </strong> जमीनी स्तर पर निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाते हुए, <strong data-start="399" data-end="417">एम3एम फाउंडेशन</strong> ने अपने <strong data-start="426" data-end="447">कर्तव्य कार्यक्रम</strong> के अंतर्गत <strong data-start="459" data-end="559">कुरुक्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), गुढ़ा और गुरुग्राम के सेक्टर 31 स्थित पॉलीक्लिनिक</strong> में हेल्थ चेक-अप कियोस्क का उद्घाटन किया।</p>
<p dir="auto" data-start="603" data-end="781">यह पहल तकनीक-सक्षम स्वास्थ्य जांच सेवाओं को समुदायों के करीब लाती है, जिससे लोग आवश्यक स्वास्थ्य जांच करवा सकेंगे और संभावित स्वास्थ्य जोखिमों की शुरुआती चरण में पहचान कर सकेंगे।</p>
<p dir="auto" data-start="783" data-end="998">कियोस्क के माध्यम से <strong data-start="804" data-end="835">70 से अधिक स्वास्थ्य मानकों</strong> की जांच की जा सकेगी, जिसमें <strong data-start="864" data-end="987">मधुमेह, हृदय स्वास्थ्य, एनीमिया, किडनी, फेफड़ों और श्वसन स्वास्थ्य, मातृ स्वास्थ्य तथा अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेतक</strong> शामिल हैं।</p>
<p dir="auto" data-start="1000" data-end="1504">गुढ़ा में आयोजित उद्घाटन समारोह में <strong data-start="1035" data-end="1206">हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्ष श्रीमती सुमन सैनी, श्री कैलाश सैनी, डॉ. कृष्णकांत, एसएमओ, डॉ. सोनिया, प्रभारी, पीएचसी गुढ़ा और श्री सुरजीत सिंह, सरपंच, गुढ़ा</strong> उपस्थित रहे। वहीं, गुरुग्राम के सेक्टर 31 स्थित पॉलीक्लिनिक में <strong data-start="1271" data-end="1349">गुरुग्राम के विधायक श्री मुकेश शर्मा और गुरुग्राम के सीएमओ डॉ. लोकवीर सिंह</strong> ने उद्घाटन समारोह में भाग लिया। दोनों स्थानों पर <strong data-start="1399" data-end="1465">एम3एम फाउंडेशन की प्रबंध न्यासी एवं अध्यक्ष डॉ. ऐश्वर्या महाजन</strong> तथा एम3एम फाउंडेशन की टीम उपस्थित रही।</p>
<p dir="auto" data-start="1506" data-end="1959">इन कियोस्क का उद्देश्य प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच को अधिक सुविधाजनक और सुलभ बनाकर मौजूदा प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था को सशक्त करना है। स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं की शुरुआती पहचान के माध्यम से यह पहल समुदाय के सदस्यों को समय पर चिकित्सकीय सलाह और उचित उपचार प्राप्त करने में सहायता कर सकती है। फाउंडेशन का दृष्टिकोण बीमारी होने के बाद उपचार तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को सीमित रखने के बजाय निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के करीब लाने पर केंद्रित है।</p>
<p dir="auto" data-start="1961" data-end="2365">इस अवसर पर <strong data-start="1972" data-end="2013">एम3एम फाउंडेशन की सुश्री पायल कनोडिया</strong> ने कहा, <em data-start="2022" data-end="2365">“एक स्वस्थ भारत की शुरुआत समय पर स्वास्थ्य जांच और निवारक देखभाल तक पहुंच से होती है। इन हेल्थ चेक-अप कियोस्क के माध्यम से हमारा उद्देश्य तकनीक-सक्षम स्वास्थ्य सेवाओं को समुदायों के करीब लाना और आवश्यक स्वास्थ्य जांच को अधिक सुलभ बनाना है। यह विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप स्वस्थ और सशक्त समुदायों के निर्माण की दिशा में एक कदम है।”</em></p>
<p dir="auto" data-start="2367" data-end="2684">यह पहल <strong data-start="2374" data-end="2424">एम3एम फाउंडेशन और स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों</strong> के बीच सहयोग को भी मजबूत करती है। फाउंडेशन मौजूदा स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था के साथ मिलकर निवारक स्वास्थ्य जांच की पहुंच बढ़ाने के लिए कार्य कर रहा है। दोनों स्थानों पर उद्घाटन समारोह के साथ इस पहल और संबंधित स्वास्थ्य विभागों के साथ सहयोग की औपचारिक शुरुआत हुई।</p>
<p dir="auto" data-start="2367" data-end="2684"><img decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-6206" src="https://hindi.pnn.digital/wp-content/uploads/2026/09/PNN-2026-09-15T173525906.jpg" sizes="(max-width: 1200px) 100vw, 1200px" srcset="https://hindi.pnn.digital/wp-content/uploads/2026/09/PNN-2026-09-15T173525906.jpg 1200w, https://hindi.pnndigital.com/wp-content/uploads/2026/09/PNN-2026-09-15T173525.906-150x84.jpg 150w, https://hindi.pnndigital.com/wp-content/uploads/2026/09/PNN-2026-09-15T173525.906-450x253.jpg 450w, https://hindi.pnndigital.com/wp-content/uploads/2026/09/PNN-2026-09-15T173525.906-768x432.jpg 768w" alt="एम3एम फाउंडेशन" width="1200" height="675"></p>
<p dir="auto" data-start="2686" data-end="3186">समुदायों के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और पॉलीक्लिनिक जैसी स्वास्थ्य सुविधाओं पर तकनीक-सक्षम स्वास्थ्य जांच की उपलब्धता <strong data-start="2811" data-end="2872">शुरुआती पहचान, निवारक देखभाल और समय पर चिकित्सकीय परामर्श</strong> की मजबूत संस्कृति को बढ़ावा दे सकती है। यह पहल एम3एम फाउंडेशन के कर्तव्य कार्यक्रम के अंतर्गत किए जा रहे व्यापक कार्यों का हिस्सा है, जो वंचित समुदायों के बीच गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में सुधार, स्वास्थ्य जागरूकता को मजबूत करने तथा निवारक और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।</p>
<p dir="auto" data-start="3188" data-end="3556">दो कियोस्क के उद्घाटन के साथ, <strong data-start="3218" data-end="3387">एम3एम फाउंडेशन स्वास्थ्य सेवाओं को केवल उपचार तक पहुंच से आगे बढ़ाते हुए शुरुआती पहचान, रोकथाम और स्वास्थ्य संबंधी सूचित निर्णयों की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।</strong> यह पहल स्वस्थ समुदायों के निर्माण की दिशा में एक और कदम है और <strong data-start="3450" data-end="3470">विकसित भारत 2047</strong> की आकांक्षाओं के अनुरूप एक समावेशी एवं विकसित भारत के व्यापक विजन में योगदान देती है।</p>
<h3 dir="auto" data-section-id="3w9kjw" data-start="3558" data-end="3587">एम3एम फाउंडेशन के बारे में</h3>
<p dir="auto" data-start="3589" data-end="3916"><strong data-start="3589" data-end="3607">एम3एम फाउंडेशन</strong>, एम3एम समूह की परोपकारी शाखा है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, खेल और पर्यावरण में काम कर रही है। <strong data-start="3707" data-end="3754">22 राज्यों और 1,300 से अधिक गांवों तक पहुंच</strong> के साथ, फाउंडेशन ने समावेशी, टिकाऊ और परिवर्तनकारी राष्ट्र-निर्माण के दृष्टिकोण से संचालित <strong data-start="3846" data-end="3916">50 लाख से अधिक लोगों के जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है।</strong></p>
<p dir="auto" data-start="3918" data-end="4085" data-is-last-node="" data-is-only-node=""><strong data-start="3918" data-end="3978">अधिक जानकारी और मीडिया पूछताछ के लिए, कृपया संपर्क करेंः</strong><br data-start="3978" data-end="3981">Saloni Sood Mehra (एमः 9810224424) | Email- <a class="decorated-link" href="mailto:Brandtalkeez@gmail.com" target="_blank" rel="nofollow noopener" data-start="4025" data-end="4047">Brandtalkeez@gmail.com</a></p>
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<title>जासूसी के क्षेत्र में भविष्य बनाने की राह दिखाती पुस्तक ‘हाउ टू बिकम अ डिटेक्टिव’ प्रकाशित</title>
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<description><![CDATA[ जासूस और इन्वेस्टिगेटर बनने के इच्छुक युवाओं को व्यावहारिक जानकारी और सही दिशा देने का प्रयास नई दिल्ली,14 सितंबर: जासूसी […] ]]></description>
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<pubDate>Tue, 22 Sep 2026 14:46:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>PNN</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><img width="1200" height="675" src="https://hindi.pnn.digital/wp-content/uploads/2026/09/PNN-2026-09-14T141944876.jpg" class="attachment-post-thumbnail size-post-thumbnail wp-post-image" alt="PNN 2026 09 14T141944876" decoding="async"></p><div class="ccfic"></div><div>
<div class="ccfic"></div>
<p><em>जासूस और इन्वेस्टिगेटर बनने के इच्छुक युवाओं को व्यावहारिक जानकारी और सही दिशा देने का प्रयास</em></p>
<p><span data-sheets-root="1"><strong>नई दिल्ली,14 सितंबर:</strong> </span>जासूसी और इन्वेस्टिगेशन के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए <b>Detective Guru राहुल राय गुप्ता </b>की पुस्तक <b>‘हाउ टू बिकम अ डिटेक्टिव’</b> प्रकाशित हो चुकी है। यह पुस्तक उन युवाओं को ध्यान में रखकर लिखी गई है, जो निजी जासूस अथवा इन्वेस्टिगेटर के रूप में कार्य करना चाहते हैं, लेकिन इस क्षेत्र में प्रवेश करने, आवश्यक कौशल विकसित करने और इसकी कार्यप्रणाली को समझने के लिए उचित मार्गदर्शन की तलाश में हैं।</p>
<p>आमतौर पर जासूसी की दुनिया को फिल्मों, धारावाहिकों और रहस्य कथाओं के माध्यम से देखा और समझा जाता है। इसके कारण बहुत से युवाओं के मन में इस व्यवसाय को लेकर उत्सुकता तो होती है, लेकिन वास्तविक जीवन में एक जासूस का कार्य क्या होता है, इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए किन गुणों की आवश्यकता होती है और जांच-पड़ताल के दौरान किन बातों का ध्यान रखना पड़ता है, इन विषयों की व्यावहारिक जानकारी आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाती। <b>‘हाउ टू बिकम अ डिटेक्टिव</b>’ इसी कमी को दूर करने का प्रयास करती है।</p>
<p>पुस्तक जासूसी को केवल रहस्य सुलझाने की कला के रूप में नहीं, बल्कि एक गंभीर और उत्तरदायित्वपूर्ण व्यवसाय के रूप में प्रस्तुत करती है। एक कुशल इन्वेस्टिगेटर के लिए सूक्ष्म निरीक्षण, तार्किक सोच, धैर्य, सतर्कता, गोपनीयता, प्रमाणों को समझने और परिस्थितियों का सही आकलन करने जैसे गुण महत्त्वपूर्ण होते हैं। पुस्तक में ऐसे अनेक पहलुओं को सरल और क्रमबद्ध ढंग से समझाने का प्रयास किया गया है।</p>
<p>विशेष रूप से ऐसे युवा, जो जासूसी और इन्वेस्टिगेशन को अपने <b>व्यवसाय के रूप में अपनाने पर विचार कर रहे हैं</b>, इस पुस्तक के माध्यम से इस क्षेत्र की प्रकृति और उससे जुड़ी अपेक्षाओं को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं। यह उन्हें अपनी रुचि और क्षमताओं को परखने तथा इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रारंभिक जानकारी उपलब्ध कराती है।</p>
<p>आज के समय में युवा परंपरागत व्यवसायों के साथ-साथ नए और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी संभावनाएं तलाश रहे हैं। ऐसे में निजी जांच और इन्वेस्टिगेशन का क्षेत्र भी उनकी रुचि का विषय बन रहा है। यह पुस्तक उन युवाओं को केवल आकर्षक कल्पनाओं से आगे बढ़कर इस क्षेत्र के व्यावहारिक पक्ष को समझने के लिए प्रेरित करती है।</p>
<p>पुस्तक मूल रूप से हिंदी में लिखी गई है और इसका अंग्रेजी संस्करण भी प्रकाशित किया गया है। इस प्रकार पुस्तक को हिंदी और अंग्रेजी, दोनों भाषाओं के पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।</p>
<p><b>‘How to Become a Detective’</b> का मुद्रित संस्करण और ई-पुस्तक संस्करण पाठकों के लिए उपलब्ध हैं।</p>
<p><b>पुस्तक:</b> <b>How to Become a Detective</b></p>
<p><b>लेखक:</b> राहुल राय गुप्ता</p>
<p><strong>मुद्रित संस्करण: <a title="https://www.amazon.in/dp/8168922204" href="https://www.amazon.in/dp/8168922204" target="_blank" rel="nofollow noopener"><u>https://www.amazon.in/dp/8168922204</u></a><br>
</strong><strong>ई-पुस्तक: <a title="https://www.amazon.in/dp/B0HFTDFYPV" href="https://www.amazon.in/dp/B0HFTDFYPV" target="_blank" rel="nofollow noopener"><u>https://www.amazon.in/dp/B0HFTDFYPV</u></a></strong></p>
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<title>अनियमित पीरियड्स और चेहरे पर अनचाहे बाल: आयुर्वेद से पाएँ प्राकृतिक समाधान</title>
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<description><![CDATA[ डॉ. रस पाल कौर BAMS, आयुर्वेद विशेषज्ञ नई दिल्ली, अप्रैल 01: आज की आधुनिक जीवनशैली में महिलाओं में अनियमित माहवारी (Irregular Periods) और चेहरे […] ]]></description>
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<pubDate>Mon, 11 May 2026 15:24:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>PNN</dc:creator>
<media:keywords>अनियमित, पीरियड्स, और, चेहरे, पर, अनचाहे, बाल:, आयुर्वेद, से, पाएँ, प्राकृतिक, समाधान</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><img width="1200" height="675" src="https://hindi.pnn.digital/wp-content/uploads/2026/04/PNN-2026-04-01T143655.037.jpg" class="attachment-post-thumbnail size-post-thumbnail wp-post-image" alt="अनियमित पीरियड्स और चेहरे पर अनचाहे बाल: आयुर्वेद से पाएँ प्राकृतिक समाधान -PNn" decoding="async"></p><div class="ccfic"></div><p><strong>डॉ</strong><strong>. </strong><strong>रस</strong><strong> </strong><strong>पाल</strong><strong> </strong><strong>कौर </strong><strong>BAMS, </strong><strong>आयुर्वेद</strong><strong> </strong><strong>विशेषज्ञ</strong></p>
<p><strong>नई दिल्ली, अप्रैल 01:</strong> आज की आधुनिक जीवनशैली में महिलाओं में अनियमित माहवारी (Irregular Periods) और चेहरे पर अनचाहे बाल (Hirsutism) की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है। यह केवल बाहरी सौंदर्य या मासिक चक्र तक सीमित समस्या नहीं है, बल्कि यह शरीर के अंदर गहरे स्तर पर होने वाले हार्मोनल असंतुलन का संकेत है। विशेष रूप से Polycystic Ovary Syndrome (PCOS) आज इन समस्याओं का प्रमुख कारण बनकर उभर रहा है।</p>
<p>यह समस्या महिलाओं के आत्मविश्वास, मानसिक स्वास्थ्य और दैनिक जीवन को भी प्रभावित करती है। कई महिलाएँ इस विषय पर खुलकर बात नहीं कर पातीं, जिससे समस्या और बढ़ जाती है।</p>
<p><strong>आयुर्वेद</strong><strong> </strong><strong>की</strong><strong> </strong><strong>दृष्टि</strong><strong> </strong><strong>से</strong><strong> </strong><strong>कारण</strong></p>
<p>आयुर्वेद के अनुसार, यह विकार मुख्यतः <strong>वात</strong><strong> </strong><strong>और</strong><strong> </strong><strong>कफ</strong><strong> </strong><strong>दोष</strong><strong> </strong><strong>की</strong><strong> </strong><strong>असंतुलन</strong> तथा <strong>अग्निमांद्य</strong><strong> (</strong><strong>कमजोर</strong><strong> </strong><strong>पाचन</strong><strong> </strong><strong>शक्ति</strong><strong>)</strong> के कारण उत्पन्न होता है। जब शरीर में “आम” (टॉक्सिन्स) का संचय होता है, तो यह धातुओं के पोषण में बाधा डालता है और हार्मोनल असंतुलन उत्पन्न करता है।</p>
<p>इसके परिणामस्वरूप—</p>
<ul>
<li>अंडोत्सर्जन (Ovulation) में बाधा</li>
<li>Androgens हार्मोन की वृद्धि</li>
<li>अनियमित मासिक धर्म</li>
<li>चेहरे या शरीर पर अनचाहे बाल</li>
</ul>
<p>Charaka Samhita में “विरुद्ध आहार” और “अहितकर दिनचर्या” को रोगों का मूल कारण बताया गया है। आज के समय में जंक फूड, तनाव, देर रात जागना और शारीरिक निष्क्रियता इन समस्याओं को और बढ़ा रहे हैं।</p>
<p><strong>उपयोगी</strong><strong> </strong><strong>आयुर्वेदिक</strong><strong> </strong><strong>औषधियाँ</strong><strong> </strong><strong>एवं</strong><strong> </strong><strong>सप्लीमेंट्स</strong></p>
<p>कई प्रभावी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ आज भारत, अमेरिका और कनाडा में सुरक्षित सप्लीमेंट्स के रूप में उपलब्ध हैं:</p>
<ul>
<li><strong>Shatavari (</strong><strong>शतावरी</strong><strong>)</strong>: महिलाओं के लिए श्रेष्ठ रसायन। यह हार्मोन संतुलन, ओवरी के स्वास्थ्य और नियमित माहवारी में सहायक है।</li>
<li><strong>Ashwagandha (</strong><strong>अश्वगंधा</strong><strong>)</strong>: तनाव कम कर कोर्टिसोल को संतुलित करती है, जिससे हार्मोनल संतुलन सुधरता है।</li>
<li><strong>Turmeric (</strong><strong>हल्दी</strong><strong> / </strong><strong>करक्यूमिन</strong><strong>)</strong>: सूजन कम करने और इंसुलिन रेजिस्टेंस सुधारने में सहायक।</li>
<li><strong>Cinnamon (</strong><strong>दालचीनी</strong><strong>)</strong>: रक्त शर्करा नियंत्रित कर इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाती है।</li>
<li><strong>Fenugreek (</strong><strong>मेथी</strong><strong>)</strong>: ग्लूकोज मेटाबोलिज्म सुधारकर हार्मोन संतुलन में मदद करती है।</li>
</ul>
<p>(नोट: औषधियों का सेवन विशेषज्ञ की सलाह से ही करें)</p>
<p><strong>आहार</strong><strong> </strong><strong>और</strong><strong> </strong><strong>जीवनशैली</strong><strong> </strong><strong>में</strong><strong> </strong><strong>आवश्यक</strong><strong> </strong><strong>सुधार</strong></p>
<p>छोटे-छोटे बदलाव बड़े परिणाम दे सकते हैं:</p>
<ul>
<li>ताजा, गर्म और सुपाच्य भोजन लें</li>
<li>जंक फूड, अत्यधिक चीनी और तले हुए खाद्य पदार्थों से बचें</li>
<li>नियमित दिनचर्या अपनाएँ (समय पर सोना-जागना)</li>
<li>प्रतिदिन 30–45 मिनट योग या व्यायाम करें</li>
<li>वजन संतुलित रखें—यह मासिक धर्म नियमित करने में अत्यंत सहायक है</li>
</ul>
<p><strong>मरीजों</strong><strong> </strong><strong>के</strong><strong> </strong><strong>लिए</strong><strong> </strong><strong>संदेश</strong></p>
<p>यह समस्या बहुत सामान्य है और इसका प्रभावी उपचार संभव है। शर्म या संकोच के कारण इसे नजरअंदाज न करें। समय पर विशेषज्ञ से सलाह लेने से जटिलताओं से बचा जा सकता है और जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सकता है।</p>
<p><strong>विशेष</strong><strong> </strong><strong>परामर्श</strong><strong> </strong><strong>सुविधा</strong><strong> </strong></p>
<p>महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए <strong>डॉ</strong><strong>. </strong><strong>रस</strong><strong> </strong><strong>पाल</strong><strong> </strong><strong>कौर</strong> द्वारा एक विशेष हेल्पलाइन प्रारंभ की गई है: <strong>9910672020</strong><strong> </strong>इस नंबर के माध्यम से महिलाएँ अपनी समस्याओं पर निःशुल्क प्रारंभिक परामर्श प्राप्त कर सकती हैं। गोपनीयता, सहानुभूति और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ उपचार प्रदान किया जाता है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>दिल्ली में देश के प्रथम राष्ट्रीय ज्योतिष महाकुंभ का हुआ भव्य आयोजन</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली, अप्रैल 07:  ज्योतिष हमारी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है, जो हजारों वर्षों से लोगों का मार्गदर्शन कर […] ]]></description>
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<pubDate>Mon, 11 May 2026 15:24:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>PNN</dc:creator>
<media:keywords>दिल्ली, में, देश, के, प्रथम, राष्ट्रीय, ज्योतिष, महाकुंभ, का, हुआ, भव्य, आयोजन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><img width="1200" height="675" src="https://hindi.pnn.digital/wp-content/uploads/2026/04/PNN-20.jpg" class="attachment-post-thumbnail size-post-thumbnail wp-post-image" alt="दिल्ली में देश के प्रथम राष्ट्रीय ज्योतिष महाकुंभ का हुआ भव्य आयोजन-PNn" decoding="async"></p><div class="ccfic"></div><p><strong>नई दिल्ली, अप्रैल 07:</strong>  ज्योतिष हमारी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है, जो हजारों वर्षों से लोगों का मार्गदर्शन कर रहा है। लेकिन आज के आधुनिक युग में हमें विज्ञान और परंपरा दोनों को साथ लेकर चलना चाहिए। यह कहना है केंद्रीय राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा का, वे शनिवार को नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में आयोजित एस्ट्रो कल्चरल महोत्सव कॉन्क्लेव को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अगर प्राचीन विद्या का उपयोग सही मार्गदर्शन और सकारात्मक सोच के लिए किया जाए, तो यह समाज के लिए काफी उपयोगी हो सकती हैं। दिल्ली विधान सभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि मानव अस्तित्व और ब्रह्माण्ड के बीच गहरे विश्वास को दर्शाने वाली ज्योतिष विद्या 21वीं सदी में भी अत्यंत प्रासंगिक है, आज के दौर में संवाद की गति बहुत तीव्र है, ऐसे में पारंपरिक ज्ञान को बढ़ावा देने वाले मंच सामाजिक दायित्व और सद्वाव बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्वनी चौबे ने कहा की ज्योतिष शास्त्र हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति और वेदों से जुड़ी एक महत्वपूर्ण विद्या है, जिसने सदियों से मानव जीवन का मार्गदर्शन किया है। इसका उपयोग सकारात्मक सोच और समाज के कल्याण के लिए होना चाहिए।</p>
<p>भव्य एवं ऐतिहासिक “राष्ट्रीय ज्योतिष महाकुंभ-एस्ट्रो कल्चरल महोत्सव” में देश भर के जाने-माने ज्योतिषी एक मंच पर एकत्र हुए। इस अवसर पर लाइफ डिज़ाइनर एवं वास्तु केंद्र–ज्योतिष एंड रिसर्च सेंटर के संस्थापक कुणाल कुमार ने कहा कि ज्योतिष शास्त्र जीवन की समस्याओं और संभावनाओं को समझने का एक वैज्ञानिक आधारित दृष्टिकोण प्रदान करता है, न कि सिर्फ भविष्य कहने वाला एक साधन।</p>
<p>रियल एस्टेट की दुनिया में एक अलग पहचान बना चुके राम रतन ग्रुप के चेयरमैन विजय राम रतन ने भी ज्योतिष कॉन्क्लेव में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। उन्होंने इस कॉन्क्लेव में रियल एस्टेट में ज्योतिष के महत्व पर चर्चा की।</p>
<p>ज्वेलरी की वैज्ञानिक रूप से पहचान, परीक्षण और प्रमाण पत्र देने वाली संस्था Gem Lab के डायरेक्टर दविंदर सिंह को एस्ट्रो महाकुम्भ में सम्मानित किया गया। उन्होंने बताया कि Gem Lab का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई रत्न क्यों, कैसे और कितना वास्तविक है — ताकि खरीदार धोखे से बच सके और उसकी कीमत सही मिले।</p>
<p>Help U Educational and Charitable Trust के संस्थापक और प्रबंध ट्रस्टी डॉ. हर्षवर्धन अग्रवाल ने एस्ट्रो कल्चरल महोत्सव पर सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि सारे अच्छे काम नीति निर्माण और बेहतर प्रशासन से ही संभव हो सकते हैं। कोटा स्थित ALLEN Career Institute के सह-संस्थापक और निदेशक ब्रजेश महेश्वरी भी इस मौके पर सम्मानित किये गए।</p>
<p>डी एच डिस्कवरी इलेक्ट्रॉनिक्स के डायरेक्टर तलविंदर सिंह लाली ने एस्ट्रो कल्चरल महोत्सव कॉन्क्लेव में विशेष सहयोग दिया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि सनातन से जुड़े हर आयोजन को वे अपने स्पीकर्स के जरिए नई पहचान देंगे। उनका उद्देश्य है—हर आध्यात्मिक आवाज को दूर-दूर तक पहुंचाना और उसे सशक्त बनाना।</p>
<p>एस्ट्रोलोजर एआई के जरिये ज्योतिष का ज्ञान दे रहे एस्ट्रोज एआई के सीईओ प्रतीक पाण्डेय ने एस्ट्रो की दुनिया के कई रहस्यों से पर्दा उठाया।</p>
<p>स्प्रिचुअल एडवाइजर और क्रिएटिव Entrepreneur/Strategist केवल कपूर को इस कार्यक्रम में विशेष रूप से सम्मानित किया गया।</p>
<p>महोत्सव को सेलेब्रिटी एस्ट्रोलॉजर डॉ वाई राखी, जी डी वशिष्ठ, अजय भाम्बी, कुनाल वास्तु केंद्र के संस्थापक कुनाल कुमार, फादर ऑफ़ एस्ट्रोलोजी के नाम से मशहूर विवेक त्रिपाठी, अनिल वत्स, डॉ. नीति शर्मा और सारथी त्रिशला चतुर्वेदी, एस्ट्रो अंकित, आचार्य शुभेश शर्मन, कॉर्पोरेट वास्तु एक्सपर्ट मनोज जैन, रीतू सिंह, आचार्य विक्रमादित्य, प्रोफेसर (डॉक्टर) ज्योतिषाचार्य सुजाता शर्मा, ज्योतिष रतन के डॉक्टर अरविन्द कुमार, ज्योतिषाचार्य सतेंदर प्रकाश, अंक ज्योतिष के जानकार राही रामेश यादव, वास्तु एक्सपर्ट पवन भाटिया, एस्ट्रोलॉजर डॉक्टर श्वेता शर्मा ने भी संबोधित किया। कथा वाचक वर्धा नारायण, अंक ज्योतिषी अनुराग पुरी, रिद्धि सिद्धि एडवरटाइजिंग एजेंसी के सीईओ विनय धींगरा एवं संदीप कुमार के आलावा म्यूजिक वैली के डायरेक्टर योगेश शर्मा, समाजसेवक राशिद इस्माईल, सुधाकर गैसोलिन से आशी जैन, मेघदूत ग्रामो उद्योग सेवा संस्थान के डायरेक्टर विवेक शुक्ला, अनुभूति संस्था के प्रेसिडेंट संजय गौतम मौजूद रहे।</p>
<p>एस्ट्रो कल्चरल महोत्सव में नेशनल यूनियन ऑफ़ जर्नलिस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार रास बिहारी, वरिष्ठ पत्रकार अशोक किंकर, दधिबल यादव, राकेश थपलियाल, खरी कसौटी नेशनल न्यूज़ पेपर के प्रधान संपादक के सी विश्नोई व वरिष्ठ पत्रकार संजय पोद्दार, वरिष्ठ पत्रकार एवं टीवी एंकर डॉ श्रीवर्धन त्रिवेदी, अनुराग मुस्कान, विकास कौशिक, प्रवीण तिवारी, हिमांशी सिंह आदि मौजूद रहे।</p>
<p>आखिर में कार्यक्रम के आयोजक प्रदीप श्रीवास्तव एवं फजले गुफरान ने एस्ट्रो कल्चरल महोत्सव के सफल आयोजन पर सभी अतिथियों और सहयोगियों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार और एस्ट्रोलॉजी विधि से जुड़े लोगों का सहयोग और समर्थन मिलता रहा तो एस्ट्रो महाकुंभ देश के अलग-अलग शहरों में आयोजित किया जाएगा।</p>]]> </content:encoded>
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<title>वनवासी रक्षा द्वारा नोएडा में 18 अप्रैल, 2026 को कवि सम्मेलन कार्यक्रम</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली, अप्रैल 07: वन एवं नगरीय वंचित समाज के उत्थान को समर्पित वनवासी रक्षा परिवार फाउंडेशन द्वारा कवि सम्मेलन […] ]]></description>
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<pubDate>Mon, 11 May 2026 15:24:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>PNN</dc:creator>
<media:keywords>वनवासी, रक्षा, द्वारा, नोएडा, में, अप्रैल, 2026, को, कवि, सम्मेलन, कार्यक्रम</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><img width="1200" height="675" src="https://hindi.pnn.digital/wp-content/uploads/2026/04/PNN-07-04-26-6.jpg" class="attachment-post-thumbnail size-post-thumbnail wp-post-image" alt="कवि" decoding="async"></p><div class="ccfic"></div><p><span data-sheets-root="1"><strong>नई दिल्ली, अप्रैल 07:</strong> </span>वन एवं नगरीय वंचित समाज के उत्थान को समर्पित वनवासी रक्षा परिवार फाउंडेशन द्वारा कवि सम्मेलन कार्यक्रम का आयोजन पंचशील बालक इंटर कॉलेज, सेक्टर – 91, नोएडा में 18 अप्रैल, 2026 को सांय 05:00 बजे से आयोजित किया जा रहा है ।<br>
वनवासी रक्षा परिवार फाउंडेशन श्रीराम की नीति, आदर्श एवं पराक्रम के अनुरूप नगरीय समाज को वनवासी व वंचित समाज से जोड़ने का सतत प्रयास कर रहा है। इसी उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम से प्रेरणादायी संदेश समाज को देना है।<br>
यह अयोजन केवल एक साहित्यिक कार्यक्रम नहीं बल्कि समाज को एक सूत्र में बांधने तथा भारतीय मूल्यों को सुदृढ़ करने का एक सशक्त प्रयास है। डॉ कुमार विश्वास की ओजपूर्ण वाणी, प्रभावशाली प्रस्तुति एवं प्रेरणादायक विचार कार्यक्रम को विशेष ऊंचाई प्रदान करेंगे ।<br>
वनवासी रक्षा परिवार फाउंडेशन का कार्यक्षेत्र हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, झारखंड, बंगाल, असम, ओडिशा और तमिलनाडु, छत्तीसगढ़ में वनवासी रक्षा परिवार फाउंडेशन द्वारा वनवासी एवं वंचितों के कल्याणार्थ गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।<br>
वनवासी रक्षा परिवार फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन से होगा। उसके उपरांत ॐ गायत्री मंत्र एवं महामृत्युंजय मंत्र के उच्चारण के साथ साथ प्राणायाम योगाभ्यास होगा। तत्पश्चात् डा० कुमार विश्वास द्वारा रंगमंचीय प्रस्तुति का मंचन होगा ।<br>
<strong>आयोजक</strong> :- वनवासी रक्षा परिवार फाउंडेशन<br>
<strong>कार्यक्रम</strong> :- कवि सम्मेलन<br>
<strong>कार्यक्रम प्रस्तुति</strong>:- डा० कुमार विश्वास जी<br>
<strong>समय</strong> :- सायं 05:00 बजे से<br>
<strong>स्थान</strong> :- पंचशील बालक इंटर कॉलेज, सेक्टर – 91, नोएडा</p>]]> </content:encoded>
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<title>फर्रुखाबाद में समाजसेवा और विकास को लेकर नई पहल, चार प्रमुख क्षेत्रों पर जोर</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली, अप्रैल 13: जनहित और सामाजिक विकास को प्राथमिकता देते हुए फर्रुखाबाद में शिक्षा, स्वास्थ्य, बच्चों के भविष्य और […] ]]></description>
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<pubDate>Mon, 11 May 2026 15:24:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>PNN</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><img width="1200" height="675" src="https://hindi.pnn.digital/wp-content/uploads/2026/04/PNN-2026-04-13T110403.965.jpg" class="attachment-post-thumbnail size-post-thumbnail wp-post-image" alt="New Initiative in Farrukhabad Focuses on Social Welfare and Development, Emphasizes Four Key Areas-PNN" decoding="async"></p><div class="ccfic"></div><p><strong>नई दिल्ली, अप्रैल 13</strong>: जनहित और सामाजिक विकास को प्राथमिकता देते हुए फर्रुखाबाद में शिक्षा, स्वास्थ्य, बच्चों के भविष्य और व्यापारिक वातावरण को बेहतर बनाने की दिशा में एक नई पहल की गई है। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत बनाकर लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना है।</p>
<p>इस अवसर पर समाजसेवी एवं सर्जन डॉ. अरविंद गुप्ता ने कहा कि किसी भी क्षेत्र का वास्तविक विकास तभी संभव है, जब बच्चों को सही दिशा, लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और युवाओं को अवसर मिलें। उन्होंने बताया कि इन्हीं आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए चार प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।</p>
<p>प्रमुख फोकस क्षेत्र इस प्रकार हैं:</p>
<p>1.    बच्चों का उज्ज्वल भविष्य</p>
<p>बच्चों को बेहतर शिक्षा, मार्गदर्शन और अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।</p>
<p>2.    स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार</p>
<p>आम नागरिकों को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।</p>
<p>3.    शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि</p>
<p>सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने और बच्चों को बेहतर सीखने का वातावरण प्रदान करने के लिए प्रयास किए जाएंगे।</p>
<p>4.    व्यापारिक वातावरण को सशक्त बनाना</p>
<p>स्थानीय व्यापारियों और उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए एक सहज और सहयोगी वातावरण तैयार करने पर कार्य किया जाएगा, जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।</p>
<p>डॉ. अरविंद गुप्ता ने बताया कि यह पहल किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि समाज के समग्र विकास और जनकल्याण की भावना से प्रेरित है। इसका लक्ष्य फर्रुखाबाद को एक ऐसा क्षेत्र बनाना है, जहां हर व्यक्ति को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और अवसर मिल सके।</p>
<p>उन्होंने सभी नागरिकों से इस सामाजिक पहल में सहयोग देने की अपील की, ताकि मिलकर एक बेहतर और विकसित समाज का निर्माण किया जा सके।</p>
<p><a href="https://www.instagram.com/dr_arvindgupta/" target="_blank" rel="noopener">https://www.instagram.com/dr_arvindgupta/</a><br>
<a href="https://www.facebook.com/profile.php?id=61552359136840" target="_blank" rel="noopener">https://www.facebook.com/profile.php?id=61552359136840</a></p>]]> </content:encoded>
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<title>क्या महाभारत सच में वैसा है जैसा टीवी में दिखाया गया? वरुण गुप्ता का नजरिया</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली, अप्रैल 08: महाभारत भारतीय संस्कृति का एक ऐसा आधार स्तंभ है, जिसे हम में से लगभग हर व्यक्ति […] ]]></description>
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<pubDate>Mon, 11 May 2026 15:24:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>PNN</dc:creator>
<media:keywords>क्या, महाभारत, सच, में, वैसा, है, जैसा, टीवी, में, दिखाया, गया, वरुण, गुप्ता, का, नजरिया</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><img width="1200" height="675" src="https://hindi.pnn.digital/wp-content/uploads/2026/04/PNN-38.jpg" class="attachment-post-thumbnail size-post-thumbnail wp-post-image" alt="क्या Mahabharat सच में वैसा है जैसा हमें TV में दिखाया गया? Varun Gupta के नजरिए से एक नया दृष्टिकोण-PNN" decoding="async"></p><div class="ccfic"></div><p><strong>नई दिल्ली, अप्रैल 08:</strong> महाभारत भारतीय संस्कृति का एक ऐसा आधार स्तंभ है, जिसे हम में से लगभग हर व्यक्ति किसी न किसी रूप में जानता है। लेकिन एक महत्वपूर्ण सवाल आज भी बना हुआ है—क्या हम वास्तव में वही Mahabharat समझते हैं, जो मूल ग्रंथों में वर्णित है, या हमारी समझ केवल टीवी धारावाहिकों और लोकप्रिय कथाओं तक सीमित है?</p>
<p>आज के समय में “<strong>Mahabharat truth</strong>” और “<strong>महाभारत </strong><strong>का </strong><strong>असली </strong><strong>सच</strong>” जैसे प्रश्न तेजी से उभर रहे हैं। इसी संदर्भ में <strong>Varun Gupta Mahabharat research</strong> के क्षेत्र में एक उभरते हुए नाम के रूप में सामने आ रहे हैं, जो अपने प्लेटफॉर्म <em>GrahRahasya Decoded</em> के माध्यम से इस महाग्रंथ को एक नए दृष्टिकोण से समझाने का प्रयास कर रहे हैं।</p>
<p>उनका मानना है कि Mahabharat को समझने के लिए हमें उसके <strong>मूल </strong><strong>स्रोतों (primary texts)</strong> तक जाना होगा। यही कारण है कि वे अपने अध्ययन में <strong>BORI Critical Edition, </strong><strong>प्राचीन </strong><strong>संस्कृत </strong><strong>पांडुलिपियों </strong><strong>और </strong><strong>विभिन्न </strong><strong>अनुवादों</strong> का सहारा लेते हैं।</p>
<p><strong>Mahabharat: </strong><strong>कहानी </strong><strong>से </strong><strong>परे </strong><strong>एक </strong><strong>बहुस्तरीय </strong><strong>ग्रंथ</strong></p>
<p>Varun Gupta के अनुसार, Mahabharat को केवल एक कथा के रूप में नहीं देखा जा सकता। यह एक <strong>layered textual tradition</strong> है, जिसमें समय के साथ कई परतें जुड़ी हैं।</p>
<p>जहां अधिकतर प्रस्तुतियां Mahabharat को एक सीधी कहानी के रूप में दिखाती हैं, वहीं उनका दृष्टिकोण इसे एक <strong>जटिल </strong><strong>और </strong><strong>विकसित </strong><strong>साहित्यिक </strong><strong>संरचना</strong> के रूप में प्रस्तुत करता है।</p>
<p>इसी दृष्टिकोण के तहत वे उन घटनाओं पर पुनर्विचार करने के लिए प्रेरित करते हैं, जिन्हें हम बिना प्रश्न किए स्वीकार करते आए हैं।</p>
<p><strong>प्रसंगों </strong><strong>का </strong><strong>पुनर्मूल्यांकन: Ghoṣa-yātrā </strong><strong>और Virat Yudh</strong></p>
<p>Varun Gupta विशेष रूप से ऐसे प्रसंगों का विश्लेषण करते हैं, जैसे:</p>
<ul>
<li><strong>Ghoṣa-yātrā (</strong><strong>घोष-</strong><strong>यात्रा)</strong></li>
<li><strong>Virat Yudh (</strong><strong>विराट </strong><strong>युद्ध)</strong></li>
</ul>
<p>इन घटनाओं को अक्सर ऐतिहासिक रूप में प्रस्तुत किया जाता है, लेकिन विभिन्न ग्रंथों और संस्करणों के अध्ययन से यह संकेत मिलता है कि इनमें <strong>कथात्मक </strong><strong>विस्तार, </strong><strong>नाटकीयता </strong><strong>और </strong><strong>साहित्यिक </strong><strong>संरचना</strong> के तत्व भी मौजूद हैं।</p>
<p>यह दृष्टिकोण Mahabharat को केवल “क्या हुआ” के रूप में नहीं, बल्कि “कैसे और क्यों प्रस्तुत किया गया” के रूप में समझने का अवसर देता है।</p>
<p><strong>सुदेश </strong><strong>बेरी </strong><strong>के </strong><strong>साथ </strong><strong>चर्चा </strong><strong>ने </strong><strong>बढ़ाई </strong><strong>पहुंच</strong></p>
<p>हाल ही में, प्रसिद्ध अभिनेता <strong>Sudesh Berry</strong>—जिन्होंने B.R. Chopra के Mahabharat में विचित्रवीर्य और 2013 के संस्करण में द्रुपद की भूमिका निभाई थी—के साथ Varun Gupta की एक विस्तृत चर्चा ने इस विषय को व्यापक स्तर पर पहुंचाया।</p>
<p>यह बातचीत एक <strong>raw, unscripted discussion</strong> थी, जिसमें Mahabharat के कई महत्वपूर्ण पात्रों और घटनाओं पर गहराई से विचार किया गया।</p>
<p>इस संवाद में विशेष रूप से:</p>
<ul>
<li>Karna</li>
<li>Bhishma</li>
<li>Krishna</li>
</ul>
<p>जैसे पात्रों के चित्रण पर चर्चा हुई, और यह सामने आया कि टीवी और लोकप्रिय कथाओं में इनका चित्रण कई बार मूल ग्रंथों से अलग होता है।</p>
<p><strong>शोध </strong><strong>को </strong><strong>मिला </strong><strong>अकादमिक </strong><strong>मान्यता</strong></p>
<p>Varun Gupta का कार्य केवल डिजिटल प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं है। उनका शोध एक <strong>reputed peer-reviewed journal </strong><strong>में </strong><strong>प्रकाशन </strong><strong>के </strong><strong>लिए </strong><strong>स्वीकार </strong><strong>किया </strong><strong>गया </strong><strong>है</strong>, जो उनके कार्य को अकादमिक स्तर पर भी स्थापित करता है।</p>
<p>उनके शोध में Mahabharat के प्रसंगों का विश्लेषण करते हुए यह दिखाया गया है कि:</p>
<ul>
<li>कुछ घटनाएं <strong>literary construction</strong> का परिणाम हो सकती हैं</li>
<li>नायकों का चित्रण समय के साथ <strong>heroic amplification</strong> से प्रभावित हुआ है</li>
<li>विभिन्न संस्करणों में संरचनात्मक अंतर मौजूद हैं</li>
</ul>
<p>यह दृष्टिकोण Mahabharat की <strong>historicity</strong> और उसके विकास को समझने में महत्वपूर्ण योगदान देता है।</p>
<p><strong>GrahRahasya Decoded: </strong><strong>एक </strong><strong>शोध-</strong><strong>आधारित </strong><strong>डिजिटल </strong><strong>पहल</strong></p>
<p><em>GrahRahasya Decoded</em> एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनता जा रहा है, जहां Mahabharat को <strong>शास्त्रों </strong><strong>के </strong><strong>अनुसार </strong><strong>और </strong><strong>शोध </strong><strong>के </strong><strong>आधार </strong><strong>पर </strong><strong>समझाया </strong><strong>जाता </strong><strong>है</strong>।</p>
<p>इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से:</p>
<ul>
<li>Text-based Mahabharat analysis</li>
<li>Kurukshetra और Karnal जैसे स्थलों की ground exploration</li>
<li>Research-driven storytelling</li>
</ul>
<p>जैसे प्रयास किए जा रहे हैं।</p>
<p>Varun Gupta Mahabharat से जुड़े विषयों को अपने YouTube चैनल पर विस्तार से समझाते हैं:</p>
<p>👉 <a href="https://www.youtube.com/@GrahRahasyaDecoded/" target="_blank" rel="noopener">https://www.youtube.com/@GrahRahasyaDecoded/</a></p>
<p>साथ ही, Community section के माध्यम से दर्शकों के साथ निरंतर संवाद भी बनाए रखते हैं:</p>
<p>👉 <a href="https://www.youtube.com/@GrahRahasyaDecoded/community" target="_blank" rel="noopener">https://www.youtube.com/@GrahRahasyaDecoded/community</a></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-5131" src="https://hindi.pnn.digital/wp-content/uploads/2026/04/PNN-39.jpg" alt="क्या Mahabharat सच में वैसा है जैसा हमें TV में दिखाया गया? Varun Gupta के नजरिए से एक नया दृष्टिकोण-PNN" width="1200" height="675"></p>
<p><strong>क्यों </strong><strong>महत्वपूर्ण </strong><strong>है </strong><strong>यह </strong><strong>दृष्टिकोण?</strong></p>
<p>आज के डिजिटल युग में, जहां Mahabharat से जुड़ी जानकारी व्यापक रूप से उपलब्ध है लेकिन उसमें तथ्य और कल्पना का मिश्रण है, ऐसे में Varun Gupta का कार्य:</p>
<ul>
<li>मिथक और ग्रंथ के बीच अंतर स्पष्ट करता है</li>
<li>लोगों को मूल स्रोतों की ओर वापस ले जाता है</li>
<li>Mahabharat को एक <strong>गंभीर </strong><strong>अध्ययन </strong><strong>विषय</strong> के रूप में स्थापित करता है</li>
</ul>
<p><strong>निष्कर्ष</strong></p>
<p>जैसे-जैसे “Mahabharat truth” और “महाभारत का असली सच” को लेकर लोगों की जिज्ञासा बढ़ रही है, <strong>Varun Gupta </strong><strong>और GrahRahasya Decoded </strong><strong>इस </strong><strong>क्षेत्र </strong><strong>में </strong><strong>एक </strong><strong>उभरती </strong><strong>हुई </strong><strong>विश्वसनीय </strong><strong>आवाज </strong><strong>के </strong><strong>रूप </strong><strong>में </strong><strong>सामने </strong><strong>आ </strong><strong>रहे </strong><strong>हैं</strong>।</p>
<p>उनका कार्य यह दर्शाता है कि Mahabharat केवल एक कथा नहीं, बल्कि एक <strong>गहन, </strong><strong>बहुस्तरीय </strong><strong>और </strong><strong>विकसित </strong><strong>ग्रंथ</strong> है, जिसे समझने के लिए शोध और मूल स्रोतों की आवश्यकता है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>नकारात्मकता से सकारात्मकता की ओर: गीता कोर्स ने सूरत में हजारों लोगों को किया परिवर्तित</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली, अप्रैल 13: आध्यात्मिक जागरण और सामूहिक परिवर्तन के एक उल्लेखनीय प्रदर्शन में, सूरत में सोशल आर्मी ग्रुप द्वारा […] ]]></description>
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<pubDate>Mon, 11 May 2026 15:24:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>PNN</dc:creator>
<media:keywords>नकारात्मकता, से, सकारात्मकता, की, ओर:, गीता, कोर्स, ने, सूरत, में, हजारों, लोगों, को, किया, परिवर्तित</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><img width="1200" height="675" src="https://hindi.pnn.digital/wp-content/uploads/2026/04/PNN-2026-04-13T172347.277.jpg" class="attachment-post-thumbnail size-post-thumbnail wp-post-image" alt="नकारात्मकता से सकारात्मकता की ओर: गीता कोर्स ने सूरत में हजारों लोगों को किया परिवर्तित -PNN" decoding="async"></p><div class="ccfic"></div><p><strong>नई दिल्ली, अप्रैल 13: </strong>आध्यात्मिक जागरण और सामूहिक परिवर्तन के एक उल्लेखनीय प्रदर्शन में, सूरत में सोशल आर्मी ग्रुप द्वारा आयोजित तीन दिवसीय श्रीमद्भगवद्गीता कोर्स में 4,000 से अधिक प्रतिभागी एकत्र हुए। 9 अप्रैल से 11 अप्रैल तक संपदा फेस्टिविटी में आयोजित यह कार्यक्रम हाल के समय में शहर की सबसे प्रभावशाली आध्यात्मिक पहलों में से एक बनकर उभरा।</p>
<p>इस कोर्स में विभिन्न आयु वर्ग के लोगों, विशेषकर युवाओं की भारी भागीदारी देखी गई, जिन्होंने भगवद्गीता की शाश्वत शिक्षाओं के माध्यम से जीवन, कर्म और आंतरिक शांति के गहन अर्थ को समझने में सक्रिय रुचि दिखाई।</p>
<p><img decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-5176" src="https://hindi.pnn.digital/wp-content/uploads/2026/04/PNN-2026-04-13T172540.972.jpg" alt="गीता-PNn" width="1200" height="675"></p>
<p>कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण प्रसिद्ध वक्ता पारस पांधी द्वारा दिए गए प्रभावशाली और विचारोत्तेजक सत्र रहे। उन्होंने स्पष्ट और सरल भाषा में समझाया कि जीवन की चुनौतियाँ, असफलताएँ और संघर्ष दंड नहीं, बल्कि आत्म-विकास और परिवर्तन के अवसर हैं। उनके व्यावहारिक दृष्टिकोण ने प्रतिभागियों को नकारात्मक विचारों से मुक्त होकर अधिक संतुलित और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने में सहायता की।</p>
<p>आध्यात्मिक वातावरण को भक्ति प्रस्तुतियों ने और भी सशक्त बनाया। लोकप्रिय गुजराती गायिका उर्वशी रडाडिया और गायक ऋषभ अगरावत ने अपने मधुर भजनों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया, जिससे वातावरण में गहरी भक्ति और भगवान कृष्ण से जुड़ाव का अनुभव हुआ।</p>
<p>आध्यात्मिक अनुभव को और समृद्ध बनाते हुए, अंमी पटेल और उनकी टीम ने कृष्ण लीला पर आधारित एक मनमोहक नृत्य प्रस्तुति दी, जिसने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-5175" src="https://hindi.pnn.digital/wp-content/uploads/2026/04/PNN-2026-04-13T172459.606.jpg" alt="गीता-PNn" width="1200" height="675"></p>
<p>कार्यक्रम में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता भी दिखाई दी, जिसमें विद्वान ब्राह्मणों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण, निरंतर धार्मिक अनुष्ठान तथा स्थल पर एक छोटी गौशाला की स्थापना शामिल थी, जो निःस्वार्थ सेवा का प्रतीक बनी।</p>
<p>आयोजकों ने बताया कि इस कोर्स का मुख्य उद्देश्य समाज—विशेषकर युवा पीढ़ी—को यह याद दिलाना था कि सच्ची सफलता केवल भौतिक संपत्ति में नहीं, बल्कि ज्ञान, मूल्यों और सही सोच में निहित है।</p>
<p>दूसरे दिन लेज़िम नृत्य के साथ भव्य स्वागत और अंतिम दिन ढोल-ताशा की ऊर्जावान प्रस्तुति ने इस आध्यात्मिक आयोजन में उत्सव का रंग भर दिया।</p>
<p>प्रतिभागियों ने बताया कि यह कोर्स केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक जीवन-परिवर्तनकारी यात्रा थी, जिसने उन्हें भगवद्गीता की शिक्षाओं को अपने दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।</p>
<p>यह पहल एक अधिक सकारात्मक, जागरूक और आध्यात्मिक रूप से सुदृढ़ समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में स्थापित हुई।</p>]]> </content:encoded>
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<title>बृजभान सिंह राठौड़ और Star Pracharak: नई सोच, नई रणनीति और यूपी 2027 की बड़ी तैयारी</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली, अप्रैल 13: भारतीय राजनीति तेजी से एक नए दौर में प्रवेश कर रही है, जहां पारंपरिक चुनावी तरीकों […] ]]></description>
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<pubDate>Mon, 11 May 2026 15:24:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>PNN</dc:creator>
<media:keywords>बृजभान, सिंह, राठौड़, और, Star, Pracharak:, नई, सोच, नई, रणनीति, और, यूपी, 2027, की, बड़ी, तैयारी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><img width="1200" height="675" src="https://hindi.pnn.digital/wp-content/uploads/2026/04/PNN-2026-04-13T105617.231.jpg" class="attachment-post-thumbnail size-post-thumbnail wp-post-image" alt="Brijbhan Singh Rathore and Star Pracharak: A New Vision, A New Strategy, and Big Preparations for UP 2027-PNN" decoding="async"></p><div class="ccfic"></div><p><strong>नई दिल्ली, अप्रैल 13:</strong> भारतीय राजनीति तेजी से एक नए दौर में प्रवेश कर रही है, जहां पारंपरिक चुनावी तरीकों के साथ-साथ आधुनिक तकनीक, डेटा एनालिसिस और प्रोफेशनल मैनेजमेंट की भूमिका लगातार बढ़ रही है। इस बदलाव के केंद्र में उभरते हुए युवा राजनीतिक रणनीतिकार बृजभान सिंह राठौड़ हैं, जो अपनी कंपनी Star Pracharak के माध्यम से देशभर में चुनावी रणनीति के क्षेत्र में नई पहचान बना रहे हैं।</p>
<p><strong>कौन हैं बृजभान सिंह राठौड़?</strong></p>
<p>उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद से संबंध रखने वाले बृजभान सिंह राठौड़ एक युवा राजनीतिक रणनीतिकार (Political Strategist) और विश्लेषक के रूप में जाने जाते हैं। वे उन चुनिंदा नए चेहरों में शामिल हैं, जो राजनीति को केवल भाषण और रैलियों तक सीमित नहीं रखते, बल्कि इसे एक डेटा-ड्रिवन और वैज्ञानिक प्रक्रिया के रूप में देखते हैं।</p>
<p>विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में उन्हें “Quiet Political Disruptor” यानी शांत रहकर बदलाव लाने वाला रणनीतिकार बताया गया है।</p>
<p><strong>Star Pracharak: चुनावी मैनेजमेंट का नया मॉडल</strong></p>
<p>बृजभान सिंह राठौड़ द्वारा स्थापित Star Pracharak आज एक तेजी से उभरती हुई Political Consultancy & Election Management Company है।</p>
<p>यह कंपनी उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों को चुनाव जीतने के लिए एक संपूर्ण समाधान प्रदान करती है, जिसमें शामिल हैं:</p>
<p>•     डेटा आधारित वोटर एनालिसिस</p>
<p>•    बूथ स्तर की माइक्रो मैनेजमेंट</p>
<p>•    सोशल मीडिया और डिजिटल कैंपेन</p>
<p>•    टारगेटेड मैसेजिंग और नैरेटिव बिल्डिंग</p>
<p>•    ग्राउंड टीम और संगठन निर्माण</p>
<p>Star Pracharak का मॉडल यह दर्शाता है कि अब चुनाव केवल भीड़ जुटाने का खेल नहीं, बल्कि सटीक योजना और वैज्ञानिक रणनीति का परिणाम बन चुका है।</p>
<p><strong>देशभर में काम और उपलब्धियां</strong></p>
<p>Star Pracharak ने पिछले कुछ वर्षों में कई राज्यों में चुनावी रणनीति तैयार करने और उसे लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।</p>
<p>•    मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में दर्जनों सीटों पर सक्रिय भागीदारी</p>
<p>•    लोकसभा और विधानसभा चुनावों में रणनीतिक सलाह</p>
<p>•    हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और अन्य राज्यों में कैंपेन मैनेजमेंट</p>
<p>कंपनी की सबसे बड़ी ताकत इसका विस्तृत डेटा कलेक्शन और सर्वे सिस्टम है, जिसके तहत हजारों-लाखों मतदाताओं से फीडबैक लेकर रणनीति बनाई जाती है।</p>
<p>विशेषज्ञों के अनुसार, यही कारण है कि Star Pracharak की रणनीतियां जमीनी हकीकत के ज्यादा करीब मानी जाती हैं।</p>
<p><strong>रणनीति की खासियत</strong></p>
<p>बृजभान सिंह राठौड़ की रणनीति पारंपरिक राजनीति से अलग मानी जाती है।</p>
<p>वे चुनाव को चार मुख्य स्तंभों पर आधारित मानते हैं:</p>
<p>1.    डेटा (Data Intelligence) – वोटर का व्यवहार और रुझान</p>
<p>2.    ग्राउंड कनेक्ट (Ground Connect) – स्थानीय स्तर पर मजबूत नेटवर्क</p>
<p>3.    नैरेटिव (Narrative Building) – जनता के मुद्दों पर प्रभावी संदेश</p>
<p>4.    डिजिटल पावर (Digital Outreach) – सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्रचार</p>
<p>इस मॉडल के जरिए वे चुनाव को एक “सिस्टमेटिक ऑपरेशन” की तरह संचालित करते हैं।</p>
<p>यूपी विधानसभा चुनाव 2027: सबसे बड़ा लक्ष्य</p>
<p>राजनीतिक जानकारों के अनुसार, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 बृजभान सिंह राठौड़ और उनकी कंपनी के लिए सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हो सकता है।</p>
<p>•    यह उनका होम ग्राउंड है</p>
<p>•    स्थानीय जातीय और सामाजिक समीकरणों की गहरी समझ</p>
<p>•    पहले से मौजूद मजबूत नेटवर्क</p>
<p>इन सभी कारणों से माना जा रहा है कि वे इस चुनाव में निर्णायक रणनीतिक भूमिका निभा सकते हैं।</p>
<p>उत्तर प्रदेश की राजनीति हमेशा से जटिल और बहुस्तरीय रही है, जहां हर सीट का समीकरण अलग होता है। ऐसे में Star Pracharak जैसे प्रोफेशनल चुनावी मैनेजमेंट मॉडल का प्रभाव काफी बड़ा हो सकता है।</p>
<p><strong>बदलती राजनीति और नई पीढ़ी</strong></p>
<p>भारत में अब राजनीति केवल नेताओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि एक पूरी प्रोफेशनल इंडस्ट्री बन चुकी है, जहां:</p>
<p>•    डेटा साइंटिस्ट</p>
<p>•    सोशल मीडिया एक्सपर्ट</p>
<p>•    ग्राउंड मैनेजर</p>
<p>•    पॉलिटिकल एनालिस्ट</p>
<p>मिलकर चुनावी जीत की रणनीति तैयार करते हैं।</p>
<p>बृजभान सिंह राठौड़ इसी नई पीढ़ी के प्रतिनिधि हैं, जो इस बदलाव को आगे बढ़ा रहे हैं।</p>
<p><strong>भविष्य की संभावनाएं</strong></p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बृजभान सिंह राठौड़ और Star Pracharak इसी तरह अपने काम को विस्तार देते हैं, तो आने वाले समय में वे राष्ट्रीय स्तर पर बड़े राजनीतिक कंसल्टेंट के रूप में स्थापित हो सकते हैं।</p>
<p>खासकर यूपी 2027 के चुनाव में उनकी भूमिका उनके भविष्य की दिशा तय कर सकती है।</p>
<p>बृजभान सिंह राठौड़ और उनकी कंपनी Star Pracharak भारतीय राजनीति में एक नए युग की शुरुआत का संकेत हैं। यह वह दौर है जहां रणनीति, तकनीक और जमीनी समझ मिलकर चुनावी सफलता का रास्ता तय कर रहे हैं।</p>
<p>आने वाले वर्षों में, खासकर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में, यह देखना दिलचस्प होगा कि यह युवा रणनीतिकार और उनकी टीम किस तरह राजनीतिक समीकरणों को बदलते हैं और अपनी पहचान को एक नए स्तर तक ले जाते हैं।</p>
<p><a href="https://starpracharak.com/" target="_blank" rel="noopener noreferrer">https://starpracharak.com/</a></p>]]> </content:encoded>
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<title>अंबेडकर जयंती पर निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर</title>
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<description><![CDATA[ नई दिल्ली, 17 अप्रैल: अंबेडकर जयंती पर निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, 150+ मरीजों को मिला लाभ — ‘रोग मुक्त भारत’ की […] ]]></description>
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<pubDate>Mon, 11 May 2026 15:24:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>PNN</dc:creator>
<media:keywords>अंबेडकर, जयंती, पर, निःशुल्क, स्वास्थ्य, शिविर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><img width="1200" height="675" src="https://hindi.pnn.digital/wp-content/uploads/2026/04/PNN-2026-04-17T143602.112.jpg" class="attachment-post-thumbnail size-post-thumbnail wp-post-image" alt="अंबेडकर जयंती पर निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर -PNN" decoding="async"></p><div class="ccfic"></div><p><strong>नई दिल्ली, 17 अप्रैल:</strong> अंबेडकर जयंती पर निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, 150+ मरीजों को मिला लाभ — ‘रोग मुक्त भारत’ की दिशा में पहल</p>
<p>बाराबंकी के महादेवा क्षेत्र में लेट सुषमा देवी फाउंडेशन द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर 28वां निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस शिविर में 150 से अधिक मरीजों का निःशुल्क परीक्षण, परामर्श एवं उपचार किया गया।</p>
<p>इस अवसर पर चिकित्सकों की टीम ने न केवल उपचार किया बल्कि लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए “रोग मुक्त भारत” के संकल्प को आगे बढ़ाने का संदेश भी दिया।</p>
<p><img decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-5207" src="https://hindi.pnn.digital/wp-content/uploads/2026/04/PNN-2026-04-17T143517.431.jpg" alt="अंबेडकर जयंती पर निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर -PNN" width="1200" height="675"></p>
<p>उपस्थित प्रमुख चिकित्सक:</p>
<p>Dr. Saurabh Verma (MBBS, MS, DNB, FAMS)</p>
<p>Dr. Divyanshu Patel (MD, PGCKS)</p>
<p>Dr. Vikrant Singh (MDS)</p>
<p>Dr. Vivek Soni (BAMS)</p>
<p>Dr. Shailja Kant Mishra (BAMS)</p>
<p><strong>अध्यक्षता:</strong></p>
<p><strong>Chairperson Maya Patel</strong></p>
<p>कार्यक्रम के दौरान Chairperson Maya Patel ने कहा कि इस प्रकार के निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर भविष्य में भी निरंतर आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा सकें और “रोग मुक्त भारत” का सपना साकार हो सके।</p>
<p><strong>नर्सिंग एवं स्टाफ:</strong></p>
<p>अफरीन</p>
<p>प्रियंका</p>
<p>दवा वितरण:</p>
<p>आयुष पटेल</p>
<p>जांच एवं ECG:</p>
<p>सर्वेश कुमार</p>
<p>विशेष सहयोग:</p>
<p>अजय भास्कर (समाजसेवी)</p>
<p>के.के. शुक्ला (दैनिक भास्कर)</p>
<p>साध्वी अर्चना गिरी जी महाराज</p>
<p>शिविर में स्थानीय लोगों की भारी भागीदारी रही और सभी ने इस सामाजिक पहल की सराहना की।</p>
<p>आयोजन समिति ने सभी डॉक्टरों, स्टाफ एवं सहयोगियों का हृदय से आभार व्यक्त किया।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>हापुड़ में गौ सेवा के लिए एस्पायर ग्रुप सम्मानित</title>
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<description><![CDATA[ हापुड़(उत्तर प्रदेश), 29 अप्रैल: जनपद में गौ सेवा और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए एस्पायर ग्रुप […] ]]></description>
<enclosure url="https://hindi.pnn.digital/wp-content/uploads/2026/04/PNN-2026-04-29T144327.625.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Mon, 11 May 2026 15:24:03 +0530</pubDate>
<dc:creator>PNN</dc:creator>
<media:keywords>हापुड़, में, गौ, सेवा, के, लिए, एस्पायर, ग्रुप, सम्मानित</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><img width="1200" height="675" src="https://hindi.pnn.digital/wp-content/uploads/2026/04/PNN-2026-04-29T144327.625.jpg" class="attachment-post-thumbnail size-post-thumbnail wp-post-image" alt="हापुड़ में गौ सेवा के लिए एस्पायर ग्रुप सम्मानित -PNn" decoding="async"></p><div class="ccfic"></div><p><strong>हापुड़(उत्तर प्रदेश), 29 अप्रैल</strong>: जनपद में गौ सेवा और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए एस्पायर ग्रुप को सम्मानित किया गया। हापुड़ के प्रभारी मंत्री राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री कपिल देव अग्रवाल ने एस्पायर ग्रुप को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनके प्रयासों की सराहना की।</p>
<p>यह पहल हापुड़ की जिलाधिकारी कविता मीना की अपील के बाद शुरू हुई, जिसमें उन्होंने आमजन, सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं से जनपद के विभिन्न गोवंश आश्रय स्थलों में संरक्षित 3,597 निराश्रित गोवंशों के लिए गर्मी के मौसम में चारे, पानी और उचित देखभाल की व्यवस्था में सहयोग का आह्वान किया था।</p>
<p>इस अभियान को प्रभावी बनाने में मुख्य विकास अधिकारी, हापुड़ द्वारा भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है। प्रशासन की ओर से विभिन्न पक्षों के बीच समन्वय स्थापित कर गोवंश संरक्षण की इस मुहिम को आगे बढ़ाया जा रहा है।</p>
<p>जिलाधिकारी द्वारा चलाई गई इस पहल से प्रेरित होकर कई सामाजिक संगठनों, संस्थाओं और व्यक्तियों ने सहयोग का संकल्प लिया। इसी क्रम में एस्पायर ग्रुप ने आगे आकर गौवंशों के लिए लगभग 1,000 क्विंटल चारे की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी उठाई।</p>
<p>एस्पायर ग्रुप के इस योगदान की सराहना करते हुए जनपद में आयोजित गंगा एक्सप्रेसवे के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री कपिल देव अग्रवाल ने समूह को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। एस्पायर ग्रुप के प्रबंधन की ओर से हेमंत गुप्ता और संदीप कुमार ने यह सम्मान प्राप्त किया।</p>
<p>सम्मान मिलने पर दोनों प्रतिनिधियों ने प्रशासन और मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एस्पायर ग्रुप भविष्य में भी समाज सेवा और गौ सेवा से जुड़े कार्यों में सक्रिय रूप से भागीदारी करता रहेगा।</p>
<p>कार्यक्रम में ज़िलाध्यक्ष भाजपा श्रीमती कविता माधरे, माननीय विधायक हापुड़ श्री विजयपाल आढ़ती, माननीय विधायक गढ़मुक्तेश्वर श्री हरेंद्र तेवतिया, क्षेत्रीय महामंत्री श्री विकास अग्रवाल, निवर्तमान ज़िलाध्यक्ष भाजपा श्री नरेश तोमर, जिलाधिकारी कविता मीना, अन्य अधिकारिगण एवं गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।</p>
<p>प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से शुरू हुई यह पहल हापुड़ में सेवा भावना, जनसहयोग और बेहतर समन्वय का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है।</p>]]> </content:encoded>
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